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कानपुर मेट्रो की ट्रेनें अत्याधुनिक कम्युनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल सिग्नलिंग प्रणाली के जरिए ऑटोमेटिक ट्रेन ऑपरेशन मोड पर संचालित होती हैं। इस तकनीक के कारण मानवीय भूल की संभावना बेहद कम हो जाती है।यूपीएमआरसी के अधिकारियों के मुताबिक, यात्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सिग्नलिंग, ट्रैक और इलेक्ट्रिकल सिस्टम से जुड़े विभिन्न परीक्षण लगातार किए जा रहे हैं। इससे पहले ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन मोड, हाई स्पीड टेस्ट और स्पीड ब्रेक टेस्ट भी सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं।
टेस्टिंग प्रक्रिया के दौरान सिग्नलिंग विभाग के अपर महाप्रबंधक दीपक पांडेय समेत कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। वहीं सुरक्षा मानकों की स्वतंत्र जांच के लिए नियुक्त विदेशी एजेंसी ने भी मेट्रो की सिग्नलिंग व्यवस्था और सुरक्षा मानकों को संतोषजनक बताया है।
यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहा कि यात्री सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी तकनीकी परीक्षण बेहद सावधानी से किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कानपुर मेट्रो का निर्माण कार्य विभिन्न चुनौतियों के बावजूद तेजी से आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में शहरवासियों को सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक यात्रा सुविधा मिलेगी।