अब मेट्रो ट्रेन आईआईटी से कानपुर सेंट्रल स्टेशन तक दाैड़ने लगी है। करीब ढाई साल बाद ठसाठस ट्रेन चली। भीषण गर्मी में ऑटो और टेंपो में चलने के बजाय लोगों ने एसी की हवा में सफर करना पसंद किया। एक दिन में करीब 32,000 से ज्यादा यात्रियों ने सफर किया।
भूमिगत स्टेशनों में बनीं पेंटिंग और बोर्ड के साथ सेल्फी लेने, रील बनाने वालों में होड़ रही। नवीन मार्केट स्टेशन में सुरमयी संध्या में यात्री झूमते नजर आए। इसके साथ ही शहर के नवोदित कलाकारों को मंच देने के लिए ‘शो योर टैलेंट' नाम से पहल भी शुरू की। मेट्रो नवोदित कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए मंच प्रदान कर रहा है। मेट्रो स्टेशन पर सोलो या ग्रुप संगीत प्रस्तुति, बैंड परफॉर्मेंस, स्केचिंग, नुक्कड़ नाटक आदि प्रस्तुति के लिए इच्छुक व्यक्ति या बैंड
birthdayatkanpurmetro@gamail.com पर मेल भेज सकते हैं।
मेट्रो में सफर करते यात्री
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) के अधिकारियों ने बताया कि ढाई साल पहले आईआईटी से मोतीझील तक मेट्रो की शुरूआत में भीड़ नजर आई थी। इसके बाद अब भीड़ दिखी है।
भूमिगत स्टेशनों में लगा पुस्तक मेला
बड़ा चौराहा और कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर पुस्तक मेला शुरू हुआ। इनमें कथा, उपन्यास, कविता संग्रह, निबंध, संस्मरण, जीवनी आदि पर आधारित पुस्तकें भी खरीदी जा सकती हैं। बच्चों को विशेष रूप से पसंद आने वाली 'मांगा’ सीरीज, हैरी पॉटर, सुपर हीरो पर आधारित पुस्तकें भी हैं। सामान्य ज्ञान एवं मोटिवेशनल पुस्तकें भी हैं।