कानपुर शहर में प्रस्तावित मेट्रो प्रोजेक्ट की हलचल तेज होते ही जापान की सरकारी कंपनी जापान इंटरनेशनल कॉरपोरेशन एजेंसी (जीका) ने भी अपनी कार्रवाई तेज कर दी है।
जाइका के प्रतिनिधियों ने कानपुर मेट्रो का सर्वे शुरू करा दिया है। सर्वे में कानपुर मेट्रो प्रोजेक्ट से जुड़े आर्थिक और सामाजिक फायदों का जानकारी जुटाई जा रही है। सर्वे के शुरुआती रुझानों के बाद से ही जाइका मेट्रो प्रोजेक्ट को लोन देने के लिए उत्साहित है। हालांकि एलएमआरसी को यूरोपियन बैंक अधिक भा रहा है।
करीब 13,721 करोड़ रुपये की लागत वाले कानपुर मेट्रो प्रोजेक्ट में चार-चार हजार करोड़ रुपये केंद्र और राज्य सरकार दे रही हैं। बाकी 5721 करोड़ रुपये का लोन लेने की तैयारी है। लोन देने के लिए जाइका और यूरोपियन इंवेस्टमेंट बैंक से वार्ता चल रही है।
अधिकारियों के मुताबिक जाइका की तुलना में यूरोपियन बैंक का पलड़ा अधिक भारी लग रहा है। जाइका की ब्याज दरें अधिक और शर्तें कड़ी हैं। इसकी तुलना में यूरोपियन बैंक दोनों ही मामलों में बेहतर है। यूरोपियन बैंक पहले ही लखनऊ मेट्रो को लोन दे चुका है। इसलिए भी अधिकारियों को यह ज्यादा पसंद आ रहा है।