आईआईटी कानपुर की उपलब्धि, कामयाबी और शोहरत का डंका बज रहा है। यहां जेईई एडवांस्ड में ऑल इंडिया 32वीं रैंक हासिल करने वाले महरुफ ने कंप्यूटर साइंस में एडमिशन लेकर पिछले कई साल से टॉप रैंकर का सूखा समाप्त किया। संस्थान का सूरज शैक्षणिक सुधार, रिसर्च और बेहतर प्लेसमेंट की बदौलत फिर से कंप्यूटर साइंस समेत अन्य ब्रांच से पढ़ाई के लिए फिर से उदीयमान हो गया है। महरुफ जुड़वा भाई मसरुर के साथ संस्थान में पढ़ाई करेंगे। मसरुर की 169वीं रैंक है।
देश की 23 आईआईटी में दाखिले के लिए ज्वाइंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी (जोसा) की काउंसलिंग चल रही है। ऑल इंडिया 32वीं रैंक प्राप्त करने वाले भुवनेश्वर के महरुफ ने आईआईटी कानपुर में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग को चुना है। उनकी पहली पसंद आईआईटी बांबे थी लेकिन उन्होंने तय किया था कि वह जुड़वा भाई के साथ ही पढ़ाई करेंगे। इसके चलते दोनों ने आईआईटी कानपुर में दाखिला लिया।
डीन स्टूडेंट अफेयर्स प्रो. प्रतीक सेन ने कहा कि यह संस्थान के लिए गर्व की बात है। टॉपर रैंकर अपने जुड़वा भाई के साथ मंगलवार को संस्थान आ गया। यह बदलाव आईआईटी कानपुर द्वारा हाल के वर्षों में किए गए शैक्षणिक सुधार, रिसर्च में बढ़ोतरी और इंडस्ट्री कनेक्शन की मजबूती का परिणाम है। संस्थान ने कंप्यूटर साइंस विभाग को लगातार अपडेट किया है, जिससे यह छात्रों के लिए अधिक आकर्षक विकल्प बनता जा रहा है।
बंद हुई ब्राइट माइंड स्कॉलरशिप
आईआईटी कानपुर में 32वीं रैंक वाले छात्र ने दाखिला लिया और इसी साल से संस्थान की ओर से टॉप 100 रैंकर्स को दी जाने वाली ब्राइट माइंड्स स्कॉलरशिप बंद कर दी गई। इसमें चयनित छात्रों को हर साल तीन लाख की स्कॉलरशिप मिलती थी। इसमें छात्रों को हर सेमेस्टर 8.0 सीपीआई बनाए रखना अनिवार्य था। यह स्कॉलरशिप 2022 में शुरू हुई थी।