गंदा नाला में बाॅयोरेमेडिएशन के नाम पर खानापूरी
- फोटो : amar ujala
गंदगी को अवशोषित करने में कंपनी खानापूरी कर रही
इस कंपनी ने इन नालों का गंदा पानी शोधित करने के लिए इनके किनारे 25 टैंक लगाए हैं और इनके नालों के आरपार पाइप डाले हैं, ताकि उनके माध्यम से बूंद-बूंद रसायन नालों में गिरता रहे और उसमें मौजूद बैक्टीरिया नाले की गंदगी को अवशोषित करते रहें, पर कंपनी खानापूरी कर रही है।
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कई दिन से रसायन नहीं डाला गया
सोमवार शाम 5:36 बजे पड़ताल के दौरान शास्त्री चौक के पास बर्रा-चार और रतनलालनगर के बीच स्थित नीमेश्वर महादेव मंदिर के पास बाॅयोरेमेडिएशन के लिए लगी टंकी सूखी नजर आई। टंकी देखकर लग रहा था कि उसमें कई दिन से रसायन नहीं डाला गया है।
गंदा नाला में बाॅयोरेमेडिएशन के नाम पर खानापूरी
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गंदा नाला में बाॅयोरेमेडिएशन न होने की जांच कराऊंगा। रिपोर्ट के आधार पर ठेकेदार कंपनी पर जुर्माना लगाया जाएगा। जिन नालों में बाॅयोरेमेडिएशन कराया जा रहा है, उन सभी की रिपोर्ट तलब की जाएगी। -एसएफए जैदी, मुख्य अभियंता, नगर निगम