चाचा-चाची द्वारा प्रताड़ित अनाथ बच्चों का मामला
- फोटो : amar ujala
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चारों बच्चों का सैंपल लिया गया है
बच्चों को आम लोगों, अध्यापकों और डॉक्टरों से मिलाना चाहिए, ताकि उनका आत्मविश्वास बढ़े। इलाज के साथ खेलकूद और खुला वातावरण उन्हें क्रूरता भरे जीवन को पीछे छोड़ आगे बढ़ने की ताकत देगा। चारों बच्चों का सैंपल लिया गया है और खून सहित कई तरह की जांचें कराई गई हैं।
चाचा-चाची द्वारा प्रताड़ित अनाथ बच्चों का मामला
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आपदा में अवसर तलाश रहे ढोंगी समाजसेवी
एक ओर जहां लोग मासूम बच्चों की मदद के लिए लगातार हाथ आगे बढ़ा रहे है। शासन-प्रशासन भी अपने स्तर पर बच्चों की मदद के लिए आवश्यक कदम उठा रहे हैं। वहीं, कुछ शहर से कुछ ऐसे भी समाजसेवी बच्चों के पास पहुंच रहे है, जो उनको बंधुआ मजदूरी कराना चाहते है और मजदूरी देकर काम कराना चाहते है।
चाचा-चाची द्वारा प्रताड़ित अनाथ बच्चों का मामला
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महोदय मात्र सौ रुपये देते चलते बने
बुधवार को पहुंचे एक समाजसेवी ने सबसे बड़े किशोर से कहा कि हमारे घर चलो काम करना पांच हजार रुपये प्रतिमाह देंगे। जब किशोर ने अन्य तीन बच्चों का हवाला देते हुए कहा कि इनकी देखभाल कौन करेगा। इनको भी साथ लेते चले, तो महोदय बच्चों को मात्र सौ रुपये देते हुए वहां से चलते बने।