कानपुर में नवाबगंज के सीएसए में आयोजित अपने-अपने रामकथा के माध्यम से रामकथा व सांस्कृतिक संकल्प समारोह में भक्तों ने देश, समाज और संस्कृति की रक्षा और मानवीय मूल्यों के पालन का संकल्प लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ हनुमान के चरणों में वंदन और सामूहिक प्रार्थना के साथ हुआ।
कुमार विश्वास ने अपने संबोधन में कहा कि रामकथा केवल आस्था से जुड़ी परंपरा नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाली आध्यात्मिक ऊर्जा है। उन्होंने कहा कि भारत की गंगा–जमुनी सांस्कृतिक धारा सदियों से भाईचारे, सहिष्णुता और एकता का संदेश देती आई है। लव–कुश की कथा को प्रेरणास्रोत बताते हुए वक्ताओं ने त्याग, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को जीवन का अभिन्न अंग बनाने की बात कही।