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बाढ़ का कहर: मंदाकिनी अब भी उफान पर, दीवारें-कच्चे मकान ढहे, बुंदेलखंड और आसपास के जिलों में आठ लोगों की मौत

Thu, 03 Sep 2026 08:04 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट/बांदा/फतेहपुर/हरदोई/कन्नौज/कानपुर

सार

Bundelkhand Rain Deaths News: मध्य प्रदेश और पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश तथा सतना के डैम से पानी छोड़े जाने के कारण चित्रकूट में मंदाकिनी नदी एक बार फिर उफना गई है। वहीं, दूसरी ओर बुंदेलखंड और आसपास के जिलों में भारी बारिश और कच्चे मकान-दीवारें गिरने से बांदा में तीन, कानपुर देहात में दो बच्चों समेत कुल आठ लोगों की जान चली गई है।
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बाढ़ के बाद रामघाट क्षेत्र में भरा पानी - फोटो : amar ujala
जलस्तर में दो मीटर की गिरावट के बाद भी चित्रकूट में मंदाकिनी खतरे निशान के ऊपर बनी हुई है। रामघाट और आसपास के इलाकों में मुश्किलें बरकरार हैं। यहां स्थित सभी दुकानें डूबी हुई हैं। एक मंजिल के भवन पानी में समाए हुए हैं। मानिकपुर कस्बे और पाठा क्षेत्र की दुकानों और घरों में भी पानी भर गया है।
उधर, बारिश में कच्चे मकान गिरने से बांदा में तीन, कानपुर देहात में भाई (एक साल) व बहन (7), कन्नौज में 14 वर्षीय किशोर, फतेहपुर और हरदोई में एक-एक व्यक्ति की जान चली गई। कानपुर देहात में भी लगातार हो रही बारिश से दो दिन में 36 कच्चे मकान ढह गए।
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रामघाट स्थित भरत मंदिर का टूटा हिस्सा - फोटो : amar ujala
बारिश व डैम से छोड़े गए पानी की वजह से नदी फिर उफनाई
मध्य प्रदेश व पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश से उफनाई मंदाकिनी मंगलवार को एक समय खतरे के निशान से 4.5 मीटर ऊपर बह रही थी। रात में पानी तेजी से घटा और सुबह तक जलस्तर खतरे के बिंदु से नीचे आ गया। लेकिन, बुधवार को हुई करीब 80 मिलीमीटर बारिश व सतना के डैम से छोड़े गए पानी की वजह से नदी फिर उफनाने लगी।
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रामघाट में बाढ़ के बाद की स्थिति - फोटो : amar ujala
11 को एनडीआरएफ टीम ने रेस्क्यू किया
बुधवार रात मंदाकिनी 129 मीटर से ऊपर बह रही थी, जबकि खतरे का निशान 126.50 मीटर है। इस साल तीसरी बार नदी में उफान की वजह से रामघाट और आसपास के इलाके डूब गए। बाढ़ में फंसे 11 दुकानदारों और निवासियों को एनडीआरएफ टीम ने रेस्क्यू किया।

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रामघाट में बाढ़ के बाद की स्थिति - फोटो : amar ujala
36 गांव प्रभावित, 13,906 लोग चपेट में
बाढ़ और बारिश से जिले के 36 गांव प्रभावित हुए हैं और 13,906 लोग इसकी चपेट में आए हैं। बांदा में कोतवाली बबेरू के गांव सिमौनी में मंगलवार रात दीवार गिरने से प्यारी की (67), थाना मरका के कन्हैया डेरा में महदेइया (60) की मौत हो गई। बुधवार सुबह थाना पैलानी में छह साल के आरव उर्फ रुद्र की मौत भी दीवार ढहने से हो गई।
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रामघाट पर बाढ़ - फोटो : amar ujala
कच्चे मकान व दीवार गिरने से हुईं मौतें
कानपुर देहात में बुधवार देर रात दीवार गिरने से सात साल की बहन व एक साल के भाई की मौत हो गई, जबकि पिता घायल हो गए। फतेहपुर में बारिश से 25 से अधिक कच्चे मकान और दीवारें ढह गईं। गाजीपुर के सुकेती गांव में मकान गिरने से गृहस्वामी रोशन (40), हरदोई में किसान राम विलास (62) की मौत हो गई। वहीं मंगलवार को चित्रकूट में बहीं एक किशोरी व एक महिला के शव बुधवार को बरामद हुए।
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