जलस्तर में दो मीटर की गिरावट के बाद भी चित्रकूट में मंदाकिनी खतरे निशान के ऊपर बनी हुई है। रामघाट और आसपास के इलाकों में मुश्किलें बरकरार हैं। यहां स्थित सभी दुकानें डूबी हुई हैं। एक मंजिल के भवन पानी में समाए हुए हैं। मानिकपुर कस्बे और पाठा क्षेत्र की दुकानों और घरों में भी पानी भर गया है।
उधर, बारिश में कच्चे मकान गिरने से बांदा में तीन, कानपुर देहात में भाई (एक साल) व बहन (7), कन्नौज में 14 वर्षीय किशोर, फतेहपुर और हरदोई में एक-एक व्यक्ति की जान चली गई। कानपुर देहात में भी लगातार हो रही बारिश से दो दिन में 36 कच्चे मकान ढह गए।