29 फीसदी केस में हो जाता है गर्भधारण
अंडकोष के कार्य को टेस्टीस्टेरोन, एफएसएच, एलएच हार्मोन प्रभावित करते हैं। इनका संतुलन बिगड़ने से स्पर्म काउंट घट जाता है। ऐसे में अगर किसी दंपती के बच्चे नहीं हो रहे हैं, तो पति और पत्नी दोनों को जांच करानी चाहिए। उन्होंने बताया कि लो स्पर्म काउंट के मामले में विशेष तकनीक अपनाने पर 29 फीसदी केस में गर्भधारण हो जाता है।
बांझपन का शिकार लोग इलाज से ठीक हो जा रहे हैं
पिटयूटरी ग्रंथि में ट्यूमर, जेनेटिक डिस्ऑर्डर से भी स्पर्म काउंट प्रभावित होता है। अपने मन से मेडिकल स्टोर से दवा लेकर खाने वालों, गांजा, धूम्रपान और दूसरे नशे लेने वालों का भी स्पर्म काउंट नीचे आ जाता है। नशा स्पर्म की क्वॉलिटी को घटा देता है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया के नुस्खों का इस्तेमाल करने से बांझपन का शिकार लोग इलाज से ठीक हो जा रहे हैं।