कराटे में ब्लैक बेल्ट, मेडल जीतकर बढ़ाया था मान
घटना से कुछ देर पहले ही आरुषि ने मां को चाय बनाकर दी थी। इसके बाद मां अपने काम में लग गईं। किसी को क्या पता था कि घर में खेलती बेटी कुछ ही देर में जिंदगी की जंग हार जाएगी। पढ़ाई के साथ आरुषि खेलकूद में भी आगे थी। हाल ही में उसने कराटे में ब्लैक बेल्ट हासिल करने के साथ मेडल भी जीता था। उसकी कामयाबी पिता के संघर्ष को सार्थक कर रही थी। बेटी को आगे बढ़ते देखने के लिए पिता ने अपनी कई ख्वाहिशें पीछे छोड़ दी थीं।
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
जिस बेटी के सुनहरे भविष्य के लिए वह दिन-रात मेहनत कर रहे थे, उसकी मौत ने उनके सपनों को बिखेर दिया। घर में छोटे भाई के साथ खेलती आरुषि अब कभी लौटकर नहीं आएगी। नौबस्ता इंस्पेक्टर बहादुर सिंह के अनुसार, परिजन ने खेल-खेल में झूला झूलते समय धोती से गर्दन कसने के कारण जान जाने की बात कही है। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल की जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।