कानपुर में जीएसटी परिषद ने कारोबारियों और निर्यातकों को कई राहतें दी हैं। अब रिफंड प्रक्रिया को तेज किया जाएगा और छोटे कानूनी विवादों को कम करने का प्रस्ताव है। निर्माताओं और निर्यातकों को इन्वर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर के तहत रिफंड अब 10 दिन में मिलेगा। पहले यह अवधि 15 दिन थी, जिससे पूंजी अधिक समय तक फंसी रहती थी।
मर्चेंट चैंबर आफ उत्तर प्रदेश की जीएसटी कमेटी के चेयरमैन अधिवक्ता संतोष कुमार गुप्ता ने बताया कि जोखिम प्रबंधन के तहत 90 फीसदी रिफंड अधिकारी द्वारा जारी किए जाएंगे। नकद बही का पैसा स्वचालित तरीके से सीधे कारोबारी के बैंक खाते में आएगा। इनपुट सेवाएं का रिफंड एक नवंबर 2026 से दिया जाएगा। पूंजीगत वस्तुएं, संयंत्र और मशीनरी आदि का रिफंड एक अप्रैल 2027 से मिलेगा। अर्थदंड आदेश के विरुद्ध अपील के लिए अधिकतम प्री डिपॉजिट 40 करोड़ रुपये घटाया गया है। इसमें 20 करोड़ सीजीएसटी और 20 करोड़ एसजीएसटी शामिल हैं।