कानपुर का महाराजपुर क्षेत्र क्रोमियम कचरे का डंपिंग यार्ड बन चुका है। प्रदूषण नियंत्रण विभाग, एनजीटी, विधानसभा अध्यक्ष से लेकर लखनऊ के आला अधिकारियों तक ने इस गंभीर मुद्दे का संज्ञान लिया था।
कई गांवों में फैला जहरीला कचरा, बारिश से बढ़ा खतरा
पुरवामीर, महोली, महुआ, तिवारीपुर और रूमा समेत कई गांवों में क्रोमियम युक्त जहरीला कचरा खुले आसमान नीचे पड़ा है। हाल ही में हुई बारिश के कारण यह कचरा बहकर नए इलाकों तक पहुंच गया है।
दिखने लगा जहरीला असर, बोरिंग खराब और दीवारें क्षतिग्रस्त
क्रोमियम के इस कचरे का घातक असर अब धरातल पर साफ दिखने लगा है। पुरवामीर स्थित तरंग रेस्टोरेंट की एक बोरिंग खराब हो चुकी है, वहीं पास के सिद्धि फिलिंग स्टेशन की दीवारों से हरा-पीला रंग उतरने लगा है और दीवारें क्षतिग्रस्त हो रही हैं। हाईवे किनारे लगे पेड़-पौधे सूख रहे हैं। धूल के साथ हवा में उड़ता क्रोमियम लोगों के सांसों में घुल रहा है, जिससे बड़े स्वास्थ्य संकट की आशंका गहरा गई है।
ग्रामीणों में गुस्सा, पशुओं की सुरक्षा के लिए दे रहे पहरा
प्रशासनिक उपेक्षा से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश और डर का माहौल है। लोगों का कहना है कि जब कचरा उठाना ही नहीं था, तो बड़ी जांच टीम और लवाजमा लाकर दिखावा करने की क्या आवश्यकता थी।