वाराणसी से इंदौर जा रही 20415 महाकाल एक्सप्रेस पर गोविंदपुरी और भीमसेन स्टेशन के बीच पथराव हुआ। इससे स्लीपर कोच का एक शीशा चकनाचूर हो गया और यात्री दहशत में आ गए। ट्रेन भीमसेन को पार कर चुकी थी, इस वजह से उरई स्टेशन पर अटेंड किया गया। आरपीएफ पोस्ट भीमसेन में अज्ञात पत्थरबाजों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। तीन-चार लोग हिरासत में लिए गए पर आरोपी की पहचान नहीं हो सकी।
रविवार रात करीब नौ बजे ट्रेन गोविंदपुरी से भीमसेन की ओर चली। करीब 15-20 मिनट बाद ही ट्रेन पर पत्थरबाजी शुरू हो गई। एस-वन कोच की 25 नंबर सीट पर सफर कर रहे राजकुमार ने स्टाफ के जरिये कंट्रोल रूम को सूचना दी। उरई स्टेशन पर ट्रेन पहुंचते ही जब जांच की गई तो कोच की खिड़की का शीशा चकनाचूर मिला। लकड़ी वाली खिड़की बंद कर यात्रियों ने खुद को सुरक्षित किया। इस कारण उरई से ट्रेन करीब 20 मिनट बाद इंदौर के लिए रवाना हो सकी। आरपीएफ पोस्ट भीमसेन प्रभारी अजय कुमार ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। बता दें कि पिछले साल अक्तूबर में ट्रेन लेट होने से भड़के यात्रियों ने स्पेशल ट्रेन पर पथराव किया था। तब भी भीमसेन में ही मामला दर्ज हुआ था।