कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर पहली ही बारिश में सड़क धंसने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने कड़ा रुख अपनाया है। NHAI ने त्वरित संज्ञान लेते हुए जहां एक तरफ किलोमीटर 64 के पास क्षतिग्रस्त सड़क की तत्काल मरम्मत कराकर उसे दुरुस्त कराया, वहीं लापरवाही बरतने पर निर्माणकारी संस्था और इंजीनियरों समेत 03 अधिकारियों पर गाज गिराते हुए उन्हें आगामी 02 वर्षों के लिए प्रतिबंधित कर दिया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था वीडियो
दरअसल, बीते दिनों पहली ही बारिश के बाद एक्सप्रेसवे की सड़क धंसने और परत उखड़ने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसके बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े होने लगे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए 26 जुलाई को NHAI और कार्यदायी संस्था की तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंचकर गहन निरीक्षण किया।
तीन बड़े अधिकारियों पर लगा 02 साल का बैन
निरीक्षण के तुरंत बाद प्रभावित हिस्से की उखड़ी हुई परत को हटाकर नई बिटुमिनस परत बिछा दी गई है और भविष्य में जलभराव रोकने के लिए सीलिंग व ड्रेनेज व्यवस्था सुधार दी गई है। वहीं, परियोजना की निगरानी में लापरवाही बरतने पर NHAI ने सख्त कार्रवाई करते हुए निर्माणकारी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता, इंडिपेंडेंट इंजीनियर के टीम लीडर सुरेंद्र कुमार और रेसिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार को परियोजना से हटा दिया है। इन तीनों अधिकारियों को MoRTH और NHAI की किसी भी परियोजना में अगले 02 साल तक काम करने से प्रतिबंधित कर दिया गया है।