सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था वीडियो
दरअसल, बीते दिनों पहली ही बारिश के बाद एक्सप्रेसवे की सड़क धंसने और परत उखड़ने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसके बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े होने लगे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए 26 जुलाई को NHAI और कार्यदायी संस्था की तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंचकर गहन निरीक्षण किया।
जांच में पाया गया कि समस्या केवल ऊपरी बिटुमिनस परत (सड़क की ऊपरी सतह) तक सीमित थी। मानसून में लगातार यातायात और जोड़ों से बारिश का पानी जाने के कारण स्लिपेज हुआ था, जबकि पुल का मुख्य ढांचा और नींव पूरी तरह सुरक्षित पाई गई।
तीन बड़े अधिकारियों पर लगा 02 साल का बैन
निरीक्षण के तुरंत बाद प्रभावित हिस्से की उखड़ी हुई परत को हटाकर नई बिटुमिनस परत बिछा दी गई है और भविष्य में जलभराव रोकने के लिए सीलिंग व ड्रेनेज व्यवस्था सुधार दी गई है। वहीं, परियोजना की निगरानी में लापरवाही बरतने पर NHAI ने सख्त कार्रवाई करते हुए निर्माणकारी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता, इंडिपेंडेंट इंजीनियर के टीम लीडर सुरेंद्र कुमार और रेसिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार को परियोजना से हटा दिया है। इन तीनों अधिकारियों को MoRTH और NHAI की किसी भी परियोजना में अगले 02 साल तक काम करने से प्रतिबंधित कर दिया गया है।