इस सत्र में आईपीएस अधिकारी व लेखक चिरंजीवी सिन्हा, मोहित गुप्ता संवाद करेंगे। एक्टर व थिएटर आर्टिस्ट सुष्मिता मुखर्जी से संवाद हिंदी अदब में महाबली के लेखक डॉ. असगर वजाहत के साथ उनकी शिष्या अनीता मिश्रा की बातचीत होगी। 24 दिसंबर का अंतिम सत्र संगीत की सूफी यात्रा का होगा।
दूसरे दिन की शुरुआत ‘अंदाजे बयां और’ से
25 दिसंबर की शुरुआत ‘अंदाजे बयां और’ से होगी। इसमें अशोक लाल, सरबजोत बहल व कानपुर के कवि पंकज चतुर्वेदी कविताएं सुनाएंगे। ‘लता सुर गाथा’ में कवि-लेखक यतींद्र मिश्र सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर को याद करेंगे। ‘जल-थल-मल’ नाम के सत्र में सोपान जोशी प्रस्तुति देंगे।
‘कानपुर का भौकाल- अमित सियाल’ में बॉलीवुड अभिनेता अमित सियाल अपने जीवन के किस्से सुनाएंगे। इसके बाद बॉलीवुड के जाने-माने डायरेक्टर विशाल भारद्वाज व गायिका रेखा भारद्वाज फिल्म व संगीत पर बात करेंगे। आखिरी सत्र होगा ‘दास्तान-ए-कर्ण’, किस्सागो महमूद फारुकी महाभारत के चरित्र कर्ण की दास्तान सुनाएंगे।
फोटोग्राफी और पेटिंग की प्रदर्शनी लगाई जाएंगी। प्रेस वार्ता में निदेशक अंजलि तिवारी ने फेस्टिवल के संबंध में जानकारी दी। इस मौके पर जीएचएसआईएमआर के निदेशक राहुल गोयल, वरिष्ठ मनोचिकित्सक आलोक बाजपेई, स्क्रिप्ट राइटर व चरित्र अभिनेता अतुल तिवारी, रोहित टंडन, मिनी सहगल, भावना मिश्रा मौजूद रहीं।