दो लाख रुपये फिरौती के लिए पानी के बताशे का ठेला लगाने वाले दोस्त का अपहरण कर हत्या करने वाले को विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट शुचि श्रीवास्तव ने उम्रकैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने से 20 हजार रुपये मृतक के भाई को मिलेंगे।
बर्रा के कर्रही में रहने वाला महेंद्र दोहरे उर्फ हल्के अपने भाई मध्य प्रदेश के दतिया जिले के पंडोखर निवासी सुरेंद्र दोहरे के साथ कानपुर में ही रहकर पानी के बताशे का ठेला लगाता था। 19 सितंबर 2021 की रात लगभग 7:30 बजे महेंद्र का दोस्त जरौली फेज-एक निवासी रवि प्रजापति महेंद्र की बताशे की ठिलिया जरौली के पास खड़ा कराकर अपने साथ ले गया। महेंद्र के जीजा नंदराम ने भी रवि और हल्के को साथ जाते देखा। लगभग एक घंटे बाद महेंद्र के भाई सुरेंद्र के मोबाइल पर फोन आया और दो लाख रुपये फिरौती की मांग की। सुरेंद्र ने पुलिस को सूचना दी।
देर रात सुरेंद्र के फोन पर फिर फिरौती का मैसेज आया। सुरेंद्र ने बर्रा थाने में रवि प्रजापति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कहा था कि फोन पर उसने रवि की आवाज पहचानी है। कुछ दिन पहले रवि और महेंद्र में मारपीट भी हुई थी। रवि भी मूल रूप से झांसी के समथर का रहने वाला है। 21 सितंबर को मेहरबान सिंह का पुरवा स्थित नई बस्ती के एक प्लाॅट से महेंद्र का शव मिला था। बर्रा पुलिस ने रवि को गिरफ्तार कर लिया था।
उसकी निशानदेही पर उसके ही घर से हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू, मृतक के कपड़े और रवि का मोबाइल बरामद कर लिया था। विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि अभियोजन की ओर से सात गवाह कोर्ट में पेश किए गए। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने रवि को अपहरण और हत्या का दोषी मानकर सजा सुनाई।