इन देशों को हुआ निर्यात
यूएसए, जर्मनी, यूके, इटली, फ्रांस, स्पेन, यूएई, नीदरलैंड, हांगकांग, चीन, पोलैंड, बेल्जियम, सोमालिया, वियतनाम, ऑस्ट्रेलिया, पुर्तगाल, डेनमार्क, कोरिया रिपब्लिक, जापान, रूस, दक्षिण अफ्रीका, चिली, मलेशिया, ऑस्ट्रिया, कनाडा, स्वीडन, नाइजीरिया, इंडोनेशिया, मैक्सिको, सऊदी अरब, केन्या, स्विट्जरलैंड, स्लोवाकिया, हंगरी, बांग्लादेश, थाईलैंड, फिनलैंड, तुर्की, इजराइल, कंबोडिया, चेक रिपब्लिक, ग्रीस, न्यूजीलैंड, ओमान, श्रीलंका, सिंगापुर, सूडान, ताइवान, नॉर्वे, जिबूती।
इन देशों ने संभाला और बढ़ाया निर्यात
सोमालिया के साथ निर्यात .59 से बढ़कर 6.6 प्रतिशत हो गया। दक्षिण कोरिया के साथ .88 से बढ़कर 10.27 प्रतिशत, जापान के साथ 1.16 से बढ़कर 11.96 प्रतिशत और चिली के साथ .84 से बढ़कर 14.66 प्रतिशत तक पहुंच गया। ऑस्ट्रिया की हिस्सेदारी 10.59 प्रतिशत हो गई जो पहले .81 थी। कनाडा की हिस्सेदारी 1.08 प्रतिशत से बढ़कर 5.13 और नाइजीरिया से 17.20 प्रतिशत तक पहुंच गई जो पहले .24 थी।
शहर से वित्त वर्ष 2025-26 में 7221 करोड़ का चमड़ा और उनके उत्पादों का निर्यात किया गया है। पिछले साल 6700 करोड़ का निर्यात हुआ था। सैडलरी, सेफ्टी शूज और लेदर फुटवियर कंपोनेंट की मांग बढ़ी है। चुनौतियों के बीच भी निर्यात बढ़ना बेहद सकारात्मक है। -आलोक श्रीवास्तव, उत्तर प्रदेश प्रमुख, फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (फियो)
कानपुर के चमड़ा उत्पादों की गुणवत्ता बहुत अच्छी है जिसके चलते टैरिफ और युद्ध के बाद भी निर्यात पर असर नहीं पड़ा। फुटवियर क्षेत्र में कुछ असर जरूर दिखा लेकिन अन्य देशों के साथ बढ़ते कारोबार ने कुल निर्यात को संभाल लिया। -यादवेंद्र सचान, क्षेत्रीय अध्यक्ष, चर्म निर्यात परिषद