मोबाइल फोन प्रतिबंधित
इसके अलावा मतदान स्थल पर मोबाइल फोन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। मतदाता अपना मोबाइल घर या चेंबर्स में रखकर आएं या किसी साथी के पास सुरक्षित रखें। एल्डर्स कमेटी की ओर से मोबाइल जमा करने की कोई व्यवस्था नहीं की जाएगी। हर बूथ पर क्यूआर कोड स्कैन करके मतदाता की पहचान करने के लिए निजी संस्थान के प्रशिक्षित नवयुवकों को लगाया गया है। मतपत्र देने के लिए मतदान स्थल पर भूतपूर्व सैनिक को नियुक्त किया गया है। इसके अलावा आरओ व एआरओ की भी तैनाती रही। चुनाव तैयारियों को लेकर की गई बैठक में रामप्रताप सिंह चौहान, अरुण कुमार तिवारी, देवनाथ शुक्ल, प्रबल प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।
एल्डर्स कमेटी ने हटवाई होर्डिंग्स
प्रत्याशियों को दी गई मोहलत पूरी होने के बावजूद होर्डिंग व बैनर न हटाए जाने पर एल्डर्स कमेटी ने खुद खड़े होकर कचहरी व मतदान स्थल के आसपास लगी होर्डिंग्स, बैनर हटवाए। हालांकि पूरी कचहरी पोस्टर बैनर से पटी पड़ी थी जिस कारण एल्डर्स कमेटी की कोशिशों के बावजूद कचहरी और आसपास की सड़कों पर होर्डिंग्स, बैनर, पोस्टर लगे दिखाई दिए।
कांटे की होगी टक्कर
अध्यक्ष पद के लिए राकेश सचान, अरविंद कुमार दीक्षित, सैयद सिकंदर आलम, सुरेंद्र कुमार पांडे, अनूप कुमार द्विवेदी, दिनेश चंद्र वर्मा और महामंत्री पद के लिए धर्मेंद्र सिंह भदौरिया, राजीव यादव, देशबंधु तिवारी, अखिलेश कुमार गुप्ता, ज्योतेंद्र कुमार दीक्षित, सुनील कुमार पांडे, नवनीत कुमार पांडे, अभय शर्मा चुनाव मैदान में भाग्य आजमा रहे हैं। दोनों ही पदों पर कांटे की टक्कर है। इस बार चुनाव के मुख्य मुद्दे में कचहरी और अधिवक्ताओं का खोया सम्मान वापस लौटाने का दावा प्रत्याशी कर रहे हैं। अधिवक्ता कल्याण निधि की राशि बढ़वाने, युवा अधिवक्ताओं के लिए प्रोत्साहन राशि, अधिवक्ताओं के लिए चैंबर्स निर्माण, पुस्तकालय को सुदृढ़ बनाना, कचहरी की साफ-सफाई जैसे परंपरागत मुद्दे इस बार भी चुनाव का हिस्सा हैं।
जुलूस निकालकर किया अंतिम दिन प्रचार
चुनाव प्रचार के आखिरी दिन सभी पदों के प्रत्याशियों ने कचहरी में घूम-घूमकर जुलूस निकाला। मतदाताओं का आशीर्वाद लिया। समर्थकों संग चैंबर्स में जाकर मतदाताओं से वोट अपील की। जगह-जगह भोज-भंडारे भी चले। मतदाताओं को लुभाने के लिए प्रत्याशी उपहार आदि देकर तरह-तरह के हथकंडे अपनाते रहे।