शिवम की हो गई थी रिहाई
इस पर कोर्ट ने मोहन की समर्पण अर्जी खारिज कर दी थी। अगले दिन पुलिस ने शिवम को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था और न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने तकनीकी आधार पर पुलिस की यह अर्जी खारिज कर दी थी, जिसके बाद शिवम की रिहाई हो गई थी। शिवम की ओर से थाने में खड़ी लैंबोर्गिनी कार को वापस दिलाने के लिए कोर्ट में अर्जी दी गई थी।
फाइल स्थानांतरित होकर सीजेएम कोर्ट में पहुंच गई
इस पर कोर्ट ने कार की तकनीकी परीक्षण व पुलिस रिपोर्ट मांगी थी। इस बीच फाइल स्थानांतरित होकर सीजेएम कोर्ट में पहुंच गई। शिवम की ओर से सुनील कुमार के नाम पर एक अटार्नी बनाकर दे दी गई थी। इस पर सुनील ने कार वापस कराने के लिए कोर्ट में पैरवी की। रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल हो जाने पर कोर्ट ने शर्तों के साथ कार रिलीज करने के आदेश कर दिए हैं।