इस प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ पाएगा
ऑपरेशन से कुछ दिन पहले रात करीब 10:30 बजे आयुष ने डॉ. अफजल को फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। इसके बाद उसने लगातार कई मैसेज भेजे जिनका जवाब नहीं मिला। इसके बाद आयुष ने कई मैसेज भी किए। इसमें उसने साफ बताया कि वह अब इस प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ पाएगा।
कानपुर किडनी कांड का मामला
- फोटो : amar ujala
दोनों के बीच करीब आधे मिनट तक बात हुई
उसने मैसेज में लिखा कि अब मुझसे नहीं हो पाएगा, परीक्षा भी छूट जाएगी। यह भी बताया कि वह सात से 10 दिन के लिए आया था लेकिन 12 दिन बीत जाने के बाद भी ऑपरेशन नहीं हुआ। इससे उसका समय और पढ़ाई दोनों प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि, कुछ देर बाद जब आयुष ने व्हाट्सएप कॉल की तो डॉ. अफजल ने फोन उठा लिया। दोनों के बीच करीब आधे मिनट तक बात हुई।
आयुष ने जल्द ऑपरेशन करने का बनाया था दबाव
पुलिस को आरोपी अली के साथ आयुष की चैट भी हाथ लगी है। इस चैट में अली ने आयुष के दस्तावेजों की जांच करते हुए उसके निवास के बारे में सवाल किए। आयुष ने खुद को देहरादून में रहने वाला बताते हुए मूल निवास बिहार का बताया। इसके बाद दोनों के बीच ऑपरेशन की तारीख और परीक्षा को लेकर बातचीत हुई।
किडनी देने वाले युवक को लाती पुलिस
- फोटो : amar ujala
दो महीने आराम करना पड़ेगा, परीक्षा छूट सकती
आयुष ने अप्रैल अंत में पेपर होने की बात कही और समय से काम पूरा कराने का आग्रह किया। अली ने जवाब में कहा कि ऑपरेशन के बाद कम से कम दो महीने आराम करना पड़ेगा, जिससे परीक्षा छूट सकती है। इस पर आयुष ने जल्द ऑपरेशन कराने का दबाव बनाया। कहा कि इसी माह प्रक्रिया पूरी कर दी जाए। यह रात करीब 8:15 बजे की है।
फरार आरोपी अली की तलाश तेज
अली ने लिखा है कि अगर टेलीग्राम पर न दिखे, तो जो नंबर भेजा है उस पर मैसेज भेज देना क्यूं कि वह बहुत ज्यादा टेलीग्राम का उपयोग नहीं करता है। मामले में डीसीपी एसएन कासिम आबिदी के अनुसार इन चैट से पूरे गिरोह की कार्यप्रणाली, संपर्क और सौदेबाजी के तरीके उजागर हो रहे हैं। फरार आरोपी अली की तलाश तेज कर दी गई है और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।