छह और अवैध प्लाटिंग रडार पर
प्रवर्तन जोन-तीन ने छह अन्य अवैध प्लाटिंग भी चिन्हित की हैं। इनमें बिनगवां, रमईपुर, बिधनू और सेन पश्चिम पारा क्षेत्र शामिल हैं। केडीए के मुताबिक निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर इन स्थलों पर भी सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। चिन्हित अवैध प्लाटिंग में महेश यादव, डॉ. प्रभाकर, धर्मेंद्र-महेंद्र, सूरज एंड संस , बिल्डकॉन प्रा.लि., मनी यादव तथा श्याम सोसाइटी समेत अन्य के नाम शामिल हैं। इनमें से कुछ स्थानों पर तीन बीघा से लेकर 36 हजार वर्गमीटर तक क्षेत्र में प्लाटिंग विकसित की जा रही है।
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खरीद से पहले ले-आउट जांचने की अपील
डॉ. रवि प्रताप सिंह ने आम लोगों से अपील की है कि प्राधिकरण क्षेत्र में जमीन खरीदने से पहले संबंधित प्लाटिंग का ले-आउट केडीए से स्वीकृत है या नहीं, इसकी जानकारी जरूर प्राप्त करें। साथ ही भवन निर्माण के लिए मानचित्र स्वीकृत कराकर उसी के अनुरूप निर्माण कराएं, ताकि भविष्य में आर्थिक और मानसिक नुकसान से बचा जा सके। अवैध निर्माण और प्लाटिंग के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।