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Kanpur: हैलट में जूनियर डाॅक्टर ने जिंदा रोगी को घोषित किया मृत, मामले की जांच के लिए गठित की गई कमेटी

Sun, 28 Dec 2025 12:23 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

पुलिस की सूचना पर परिजन शव लेने पहुंचे तो रोगी वार्ड में जिंदा मिला। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की है।
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हैलट अस्पताल - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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हैलट के जूनियर डॉक्टर ने जिंदा रोगी को मृत घोषित कर दिया और उसकी पुलिस इनफॉर्मेशन स्वरूपनगर थाने भेज दी। पुलिस ने शव लेने के लिए रोगी के परिजनों को फोन किया तो वे हैलट आए। यहां वार्ड में रोगी को जिंदा देखकर सबके होश उड़ गए। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने जांच कमेटी गठित कर जांच के आदेश दिए हैं।
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मामला मेडिसिन वार्ड का है। यहां मेडिसिन वार्ड नंबर 12 में दो लावारिस रोगी भर्ती किए गए थे। बेड नंबर 42 पर विनोद (42) और बेड नंबर 43 पर एक 60 वर्षीय वृद्ध भर्ती था। दोनों रोगी डॉ. ब्रजेश कुमार की यूनिट में भर्ती रहे हैं। वृद्ध की मौत हो गई। वार्ड में तैनात जूनियर डॉक्टर ने बिना पल्स चेक किए या अन्य जरूरी जांच किए फाइल विनोद की बना दी। उसे मृत घोषित करके पीआई भी भेज दी। पुलिस ने फाइल पर लिखे फोन नंबर पर संपर्क किया तो विनोद के साथी और घर वाले आ गए तो उन्हें वह जिंदा मिला।

घटना की जानकारी मिलने पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. काला और प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके सिंह मौके पर पहुंचे। जूनियर डॉक्टर से जवाब तलब किया तो उसने कहा कि गलती से फाइल बन गई। बाद में फाइल दुरुस्त कराकर पीआई फिर पुलिस को भेजी गई। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सिंह ने बताया कि दोनों रोगी लावारिस में भर्ती हुए। विनोद किसी फैक्टरी में काम करता है। उसके साथी उसे लेकर आए थे। वृद्ध रोगी का पता नहीं लिखा था। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि जूनियर डॉक्टर ने अपनी गलती मान ली है कि धोखे में गलत फाइल भर दी। मामले की स्थिति स्पष्ट करने के लिए प्राचार्य ने कमेटी गठित करके जांच के आदेश दिए हैं। जांच उप प्राचार्य रिचा गिरि की अगुवाई में होगी। 48 घंटे में कमेटी रिपोर्ट देगी।
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विनाेद के परिजन हुए गायब
प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि अस्पताल आए परिजनों से जब विनोद को घर ले जाने के लिए कहा गया तो वे भाग गए। विनोद के साथियों ने रोकना चाहा तो बोले कि उसे घर पर कहां रखेंगे। यहीं पर रहने दो। इसके परिजन गायब हो गए।


हैलट के डॉक्टरों ने एक अज्ञात मरीज की मौत सूचना दी थी, पोस्टमार्टम संबधित थाने से कराया जाना था। इस मरीज को गोविंदनगर पुलिस ने 24 दिसंबर की रात करीब 10 बजे भर्ती कराया था। ऐसे में गोविंदनगर थाने को सूचना दे दी गई। हालांकि वहां पहुंचे पुलिसकर्मियों को मरीज के जिंदा होने की जानकारी मिली है। - द्वारिका प्रसाद, एसएसआई, स्वरूपनगर

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