बदमाशों से बरामद सामान
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सर्विलांस की मदद से सात को किया गिरफ्तार
पुलिसकर्मियों ने कार के नंबर को ट्रेस किया, जिससे असली मालिक की जानकारी हुई। उनसे पूछताछ करने पर हनुमंत विहार निवासी शिवम राजपूत के बारे में पता चला। उसने कार करीब दो लाख 60 हजार रुपये में खरीदी थी। इसी के बाद पुलिस ने सर्विलांस की मदद से सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया। शिवम को गुजैनी पुलिस चोरी के एक अन्य मामले में गिरफ्तार कर चुकी है। रोहित गोल्ड लोन कंपनी का मैनेजर है। वहीं, चोरी के बाद सारा माल सराफा कारोबारी संजय सोनी व निमिष को दे दिया था। पुलिस टीम को 25 हजार रुपये के इनाम देने की घोषणा की गई है।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
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सबसे पहले पकड़ा गया मास्टरमाइंड
डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि गिरोह का मास्टरमाइंड हिमांशु गौतम है। वह पूर्व में चोरी के मामले में जेल जा चुका है। उसने रोहन, शिवम और हरिओम के साथ मिलकर चोरी की। कार हरिओम चला रहा था। बताया कि आरोपियों ने गहनों को दोनों सराफा करोबारियों को दे दिया था। उन्होंने जेवरों को गलाकर सोने के बिस्कुट बना दिए। रोहित ने हरिओम से कुछ सोना लेकर करीब चार लाख का गोल्ड लोन दिला दिया, जबकि बाकी आरोपियों को लोन दिलाने की तैयारी में था। इससे पहले पुलिस ने सभी को दबोच लिया।
चोरी से पहले गोवा घूमकर आए थे
डीसीपी ने बताया कि आरोपी घूमने और मौज मस्ती करने के शौकीन हैं। वारदात से पहले गोवा से घूमकर आए थे। मास्टरमाइंड हिमांशु अपनी महिला मित्र के साथ काठमांडू घूमकर आया था। रामपुरम के घर की रेकी हिमांशु ओर रोहन ने की थी। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में एक दिन पहले दोनों बाइक से रेकी करते दिखाई दिए थे।