राजकीय आईटीआई पांडुनगर में बनी टाटा लैब
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वीडियो गेम खेलना आमतौर पर समय की बर्बादी मानी जाती है, लेकिन अब यह आईटीआई के छात्रों के लिए आधुनिक तकनीक सीखने का माध्यम बनने जा रहा है। आईटीआई पांडुनगर में तैयार टाटा की अत्याधुनिक लैब में छात्रों को सिम्युलेटर की मदद से प्रशिक्षण देने की तैयारी है। छात्र सिम्युलेटर की मदद से फैक्टरी के माहौल में वर्चुअल गन से पेंटिंग और वेल्डिंग करना सीखेंगे। इसमें पेंट की जरूरत नहीं होगी।
वहीं, पेंट तय जगह से बाहर न फैले इसके लिए हाथों को साधने का अभ्यास कराया जाएगा। वेल्डिंग सीखने के दौरान छात्रों को चिंगारी का खतरा भी नहीं होगा। सिम्युलेटर की मदद से से छात्र किसी भी प्रैक्टिकल को आसानी से कर सकेंगे। इलेक्ट्रीशियन, वेल्डर जैसी ट्रेडों के छात्रों को गलती होने पर चोट लगने का खतरा नहीं रहेगा। वेल्डर छात्रों को वर्चुअल होने के बाद भी असली वेल्डिंग गन सा मजा मिलेगा। इसमें भी वेल्डिंग की चिंगारी निकलेंगी, लेकिन यह वर्चुअल होंगी। सॉफ्टवेयर वाले सिम्युलेटर से बस गलती होने पर वीडियो गेम की तर्ज पर गेम ओवर हो जाएगा। हालांकि इससे छात्रों को दोबारा गलती सुधारने का मौका मिलेगा।
छात्रों को सीखने में मिलेगी मदद
नई लैब में इलेक्ट्रीशियन, वेल्डर, पेंटर, एमएमवी, कंप्यूटर हार्डवेयर एंड नेटवर्किंग, सोलर टेक्नीशियन, टेक्नीशियन मैकेनिक, फायर टेक्नोलॉजी, इंडस्ट्रियल सेफ्टी मैनेजमेंट के छात्रों को अपडेट तकनीक सिखाई जाएगी। सिम्युलेटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों तरह की हो सकते हैं। इनकी मदद से आसानी से चीजों को सीखा जा सकेगा। इससे छात्रों को काफी मदद मिलेगी।
लैब तैयार, भवन हस्तांतरण का इंतजार
टाटा की अत्याधुनिक लैब बन कर पूरी तरह तैयार हो गई है। यहां प्रशिक्षण देने के लिए मशीनें भी लगा दी गईं हैं। प्रशिक्षण शुरू करने के लिए सिर्फ भवन हस्तांतरण का इंतजार है। इसके लिए प्रक्रिया जारी है। अनुमान है कि एक पखवाड़े के अंदर यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। - राहुल देव, संयुक्त निदेशक प्रशिक्षण