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कानपुर: ऑनलाइन गेम में तो नहीं फंस रहा लाडला, सचेंडी में किसान को लगा पांच लाख का चूना, इन बातों का रखें ध्यान

Wed, 07 Oct 2026 12:03 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: सचेंडी थाना क्षेत्र में एक किसान के 14 वर्षीय बेटे के ऑनलाइन गेम खेलने के दौरान ठगों ने खाते से पांच लाख उड़ा दिए। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बता दें कि कल्याणपुर, पनकी और चकेरी में भी बच्चों के जरिए लाखों की ठगी के मामले सामने आ चुके हैं।
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ऑनलाइन गेमिंग का जाल - फोटो : AI जनरेटेड
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विस्तार
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पढ़े-लिखे लोगों और सीनियर सिटीजन की तरह अब नाबालिग भी साइबर ठगों के निशाने पर आ रहे हैं। ऑनलाइन गेम, सोशल मीडिया, फर्जी इनाम, पार्ट-टाइम नौकरी और आसान कमाई का लालच देकर साइबर ठग पहले बच्चों को फंसाते हैं। फिर उनके अभिभावक का बैंक खाता साफ कर देते हैं। कुछ ऐसा ही हुआ सचेंडी में जब एक किसान पिता राजकुमार के खाते से ठगों ने 5.06 लाख रुपये पार कर दिए।

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सचेंडी पुलिस ने मंगलवार को रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक, बच्चों में ऑनलाइन गतिविधियों को लेकर पर्याप्त सतर्कता नहीं होती। गेम में अतिरिक्त कॉइन या रिवार्ड दिलाने, सोशल मीडिया पर फॉलोअर बढ़ाने और कम समय में पैसे कमाने जैसे मैसेज नाबालिगों को आकर्षित करते हैं। वह बच्चों से लिंक पर क्लिक कराने या कोई एप डाउनलोड कराने के बहाने जानकारी हासिल कर लेते हैं।

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किसान के मोबाइल की जांच की जाएगी
बता दें कि किसान के खाते से 11 से 17 सितंबर के बीच में रकम निकली थी। किसान के मुताबिक उनका 14 साल का बेटा मोबाइल से ऑनलाइन गेम खेला करता था। उसी से किसी साइबर ठग ने ऑनलाइन ठगी की है। सचेंडी थाना प्रभारी दीनानाथ मिश्रा ने बताया कि क्राइम ब्रांच और साइबर सेल की मदद से किसान के मोबाइल की जांच की जाएगी। बैंक से भी पता किया जाएगा कि किन-किन खातों में कब और कितनी रकम राजकुमार के खाते से गई है।

इन बातों का रखें ध्यान
  • अनजान व्यक्ति के भेजे लिंक पर क्लिक न करें।
  • ओटीपी, पासवर्ड और बैंक संबंधी जानकारी किसी से साझा न करें।
  • अनजान एप डाउनलोड करने से बचें।
  • ऑनलाइन गेम में किसी अजनबी को निजी जानकारी न दें।
  • सोशल मीडिया अकाउंट की प्राइवेसी सेटिंग मजबूत रखें।
  • किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत अभिभावक को दें।
  • अभिभावक बच्चों को सुरक्षित इंटरनेट इस्तेमाल करने की जानकारी दें।

पूर्व में भी नाबालिगों संग ऐसे हुई ठगी

  • सिर्फ 99 रुपये के चक्कर में गंवा दिए साढ़े छह लाख
जनवरी 2026 में कल्याणपुर क्षेत्र में 13 वर्षीय बच्चे ने अपने पिता के मोबाइल पर फेसबुक का एक अनजान लिंक खोला। लिंक में एक गिफ्ट ऑफर के लिए सिर्फ 99 रुपये का भुगतान करने को कहा गया था। बच्चे ने जैसे ही वह भुगतान किया ठगों को खाते का एक्सेस मिल गया और उन्होंने कुछ ही दिनों में खाते से 6.50 लाख रुपये पार कर दिए।

  • इनाम के लालच में थमा दिए 90 हजार रुपये
मई 2026 में पनकी के रतनपुर इलाके में रहने वाले एक तीसरी क्लास के 11 वर्षीय छात्र को ऑनलाइन गेम में इनाम जीतने का लालच दिया गया। बच्चा दो स्थानीय साइबर कैफे ऑपरेटरों के झांसे में आ गया और गेम एडिक्शन के चक्कर में परिवार के 90,000 रुपये गंवा दिए। बाद में पैसे वापस मांगने पर कैफे ऑपरेटरों ने परिवार को धमकी भी दी थी।

  • साथियों ने ही हड़पे 1.52 लाख रुपये
सितंबर 2026 में चकेरी इलाके में कक्षा 9 में पढ़ने वाले तीन छात्रों ने अपने ही एक क्लासमेट (जो एक डॉक्टर का बेटा था) को आईफोन-15 दिलाने के नाम पर जाल में फंसाया। उन्होंने उस बच्चे से 1.52 लाख रुपये ऐंठ लिए और बदले में एक पुराना आईफोन थमा दिया। इसके बाद भी वे उसे डरा धमकाकर लगातार पैसों की वसूली करते रहे।
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साइबर ठगी से बचने के लिए जागरूकता कार्यक्रम कराए जाते हैं और पोस्टर आदि की मदद से भी लोगों को सचेत किया जाता है। रही बात बच्चों की तो उनके अभिभावकों को भी चाहिए कि वह उन्हें सोशल मीडिया के फायदे और नुकसान दोनों समझाएं और बच्चों से अपने बैंक एकाउंट संबंधी जानकारी शेयर करने से बचें।  -डॉ. विपिन ताडा, अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था)
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