ऋषिकांत के पैनकार्ड का इस्तेमाल हुआ था
साथ ही एसआईटी को तीन ऐसी संदिग्ध संपत्तियां भी मिलीं थीं, जिन्हें खरीदने में ऋषिकांत के पैनकार्ड का इस्तेमाल हुआ था। इन्हीं संपत्तियों की रिपोर्ट के आधार पर ही तत्कालीन सीपी अखिल कुमार ने 10 और 15 सितंबर को डीजीपी व सीएम को पत्र भेजे। इसके अनुसार ऋषिकांत कानपुर में वर्ष 1998 से 2006 तक तथा दोबारा दिसंबर 2006 से वर्ष 2009 तक नियुक्त रहे।
तीन अन्य स्थानों पर भी संपत्ति मिली हैं
अखिलेश दुबे से ऋषिकांत के करीबी संबंध हैं। एसआईटी की जांच व सत्यापन में ऋषिकांत शुक्ला, परिवारीजन, साथियों व साझेदारों के साथ 12 स्थानों पर करीब 92 करोड़ की संपत्ति मिली। तीन अन्य स्थानों पर भी संपत्ति मिली हैं। आर्यनगर में 11 दुकानें भी हैं] जो इनके पड़ोसी साथी देवेंद्र दुबे के नाम पर हैं। हालांकि यह भी ऋषिकांत की बेनामी संपत्ति है।
सांसद डिंपल यादव ने की सीबीआई जांच की मांग
मैनपुरी की सांसद डिंपल यादव ने मामले में कहा कि जिनसे न्याय मिलना चाहिए, वहीं अब लूट और सत्ता संरक्षण का हिस्सा बन गए हैं। भाजपा राज का मतलब भ्रष्टाचार है। सरकार ने ईमानदार अधिकारियों को दरकिनार करते हुए सत्ता से नजदीकी रखने वालों को तैनाती दे रखी है। मामले की सीबीआई जांच की मांग की। जरूरत पड़ी, तो संसद में भी वह इस बात को उठाएंगी।