कैसे काम करेगी टिकट वेंडिंग मशीन?
ये मशीनें पूरी तरह ऑटोमैटिक होंगी। यात्री टच-स्क्रीन पर अपना गंतव्य स्टेशन चुनकर किराया देख सकेंगे। भुगतान के लिए मशीन में नोट डालने का विकल्प होगा, जिसे मशीन स्वतः स्वीकार कर लेगी और बचा हुआ रिफंड (चेंज) व क्यूआर कोड वाला टिकट तुरंत बाहर आ जाएगा। इसके अलावा, यात्री अपने 'एनसीएमसी गो स्मार्ट कार्ड' को भी इन मशीनों के जरिए रिचार्ज कर सकेंगे।
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एमडी ने परखी तैयारी, दिए निर्देश
प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक के पूरे स्ट्रेच का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा, "हमारी टीम कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक यात्री सेवा विस्तार के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। सभी स्टेशनों को ऑपरेशनल बनाने के लिए फिनिशिंग और सिस्टम इंस्टॉलेशन के काम आखिरी चरण में हैं। विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि आपसी समन्वय के साथ इन कार्यों को समय सीमा के भीतर पूरा करें।"
ट्रायल रन और निर्माण की स्थिति
वर्तमान में कॉरिडोर-1 (आईआईटी से नौबस्ता) के तहत आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक मेट्रो दौड़ रही है। शेष 8 किलोमीटर के हिस्से पर टेस्टिंग का काम शुरू हो चुका है। वहीं, कॉरिडोर-2 (सीएसए से बर्रा-8) पर भी सिविल कंस्ट्रक्शन का काम तेजी से चल रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही नौबस्ता तक का रूट आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा, जिससे दक्षिण कानपुर के लाखों लोगों को जाम से राहत मिलेगी।