कानपुर में नाला सफाई के नाम पर खानापूरी, गंदगी, पानी, रोड लाइट जैसी समस्याओं पर विपक्ष के साथ ही पक्ष के भी पार्षदों ने जब अधिकारियों को घेरा तो नगर निगम सदन की बैठक में हंगामा हो गया। पार्षदों ने जमकर नारेबाजी की और साढ़े तीन साल से ज्यादा समय बीतने के बाद भी समस्याएं हल न होने पर अधिकारियों को जिम्मेदार बताया। इस हंगामे के चलते बजट पर बहस ही नहीं हो पाई और बैठक स्थगित करनी पड़ी। अब यह बैठक दोबारा 17 जून को होगी।
विज्ञापन
नगर निगम सदन की 31 मार्च को स्थगित हुई बैठक मंगलवार को सुबह 11:15 बजे महापौर प्रमिला पांडेय की अध्यक्षता में शुरू हुई। उन्होंने अफसरों से पूछा कि सदन से सभी वार्डों के लिए स्वीकृत 10-10 लाइटें क्यों नहीं लगीं? सफाई कर्मियों की संख्या न बढ़ाने, नाला सफाई पर भी अफसरों से जवाब मांगा। इस बीच पिछले कुछ फैसलों पर अमल न होने का मामला पार्षदों ने उठाया तो महापौर ने कहा कि वे सदन में प्रस्ताव पास करा सकती हैं लेकिन काम कराने की जिम्मेदारी पार्षदों की भी है। पार्षद नवीन पंडित ने चाचा नेहरू अस्पताल के साथ ही जागेश्वर अस्पताल को भी चालू करने की मांग की।
अफसरों से कहा धन्यवाद, आपकी लापरवाही की वजह से आ रही सपा सरकार
सपा पार्षद दल के नेता सुहेल अहमद ने बैठक में कहा कि जनसमस्याओं से शहरवासी परेशान हैं। अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने अफसरों पर तंज कसते हुए कहा कि धन्यवाद, आपकी इसी लापरवाही की वजह से इस बार प्रदेश में सपा की सरकार आ रही है। भाजपा पार्षद प्रमोद जायसवाल ने सुहेल के इस बयान का विरोध किया।
विज्ञापन
इसके बाद भाजपा पार्षदों ने मोदी, योगी जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। इस बीच सपा पार्षद अर्पित यादव सदन में ही कुर्सी पर खड़े होकर नारेबाजी करने लगे। विकास जायसवाल ने कहा कि अधिकारियों की लापरवाही से सरकार की बदनामी हो रही है। सदन में बस प्रस्ताव पास हो रहे, लेकिन कार्य नहीं हो रहे। धमकी दी कि जनसमस्याएं दूर न हुईं तो अफसरों से दो-दो हाथ करने से भी नहीं चूकेंगे। इसके बाद महापौर ने सभी को शांत कराया। सुहेल ने गृहकर पर अफसरों को घेरा। कहा कि नगर निगम ने शहरवासियों से 2016 में प्रोविजनल (अनंतिम) बिल भेजकर गृहकर लिया।
2017 में पार्षद पद के उम्मीदवारों को पूरा गृहकर जमा होने की एनओसी भी दी, अब 2016 के गृहकर में ही धनराशि बकाया बताते हुए ब्याज लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसका मतलब या तो एनओसी गलत दी गई या टैक्स गलत लिया जा रहा है। इस मामले में अफसरों पर कार्रवाई की मांग की। नगर निगम संपत्ति विभाग के प्रभारी स्वर्ण सिंह ने सफाई दी, पर इससे पार्षद असंतुष्ट नजर आए।
सदन में उठा गुलाब वाटिका का मामला
बेनाझाबर वार्ड के पार्षद सौरभ देव ने मेट्रो कार्य के दौरान बृजेंद्र स्वरूप पार्क स्थित गुलाब वाटिका के पेड़ नष्ट करने का मामला उठाया। कहा कि अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद मेट्रो पेड़ लगाने के लिए राजी हुआ है। उन्होंने पालिका स्टेडियम का भी मामला उठाया।
श्रमिक कालोनियों में विकास का मुद्दा उठा
पार्षद महेंद्र पांडेय पप्पू ने श्रमिक कालोनियों में विकास न कराने संबंधी प्रस्ताव पर एतराज करते हुए खारिज करने पर जोर दिया। कहा कि वहां के लोग भी वोट देते हैं। इसलिए वहां भी विकास कार्य होने चाहिए। राघवेंद्र मिश्रा ने इसका समर्थन किया।
सदन में कुर्ता उतारकर धरने पर बैठे
दबौली में पानी की समस्या के समाधान की मांग करते हुए कांग्रेस पार्षद जेपी पाल सदन पटल के पास कुर्ता उतारकर धरने पर बैठ गए। महापौर के बाहर करने की धमकी देने पर जेपी पाल ने कुर्ता पहनकर धरना खत्म किया।
पुराना कानपुर में छह महीने से पानी की किल्लत
गंगा बैराज के पास स्थित पुराना कानपुर वार्ड के पार्षद ने सदन को बताया कि उनके वार्ड में छह महीने से पानी की किल्लत है। जलकल अफसरों से कई बार कहा, पर समाधान नहीं हुआ।
हैंडपंप लेकर पहुंचे नगर निगम, एफआईआर के निर्देश
पार्षद अर्पित यादव, संजय यादव, लियाकत अली, अजीत दिवाकर आदि खराब हैंडपंप लेकर सदन पटल पर पहुंचे। तीन साल से हैंडपंप न लगने पर विरोध किया। महापौर ने इन पर रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए। जलकल जीएम ने सदन को बताया कि 15वें वित्त के धन से 200 नए हैंडपंप और 200 पुराने हैंडपंपों की मरम्मत का प्रस्ताव बनाया गया है।
तुरंत नाले साफ न हुए तो जलभराव
पार्षद जितेंद्र गांधी ने कहा कि मसवानपुर में रफाका नाला कच्चा है। इसमें चार-पांच वार्डों का पानी आता है। इसे तुरंत साफ न कराया गया तो जलभराव होगा। अरविंद यादव, राजीव सेतिया, मेनका सेंगर सहित कई अन्य पार्षदों ने भी नाला, नालियों की सफाई के नाम पर खानापूरी पर अफसरों को घेरा।
राखी मंडी में बिछाई घटिया पाइप लाइन, जांच की मांग
पार्षद सुनील कनौजिया ने बताया कि जल निगम ने पिछले साल जूही राखी मंडी में घटिया पाइप लाइन बिछाई थी। इससे गंदे पानी की समस्या हल नहीं हुई। इसकी जांच की मांग की। पानी, सीवर समस्या के बावजूद लोगों से टैक्स लेने पर आपत्ति की तो जलकल विभाग ने सफाई दी।
जलकल नहीं लगा रहा खुले सीवर चैंबरों पर ढक्कन
पार्षदों ने कहा कि जलकल विभाग खुले सीवर चैंबरों पर ढक्कन नहीं लगा रहा है। हजारों चैंबरों पर ढक्कन नहीं लगे हैं। कुछ मोहल्लों में प्रदूषित पानी आ रहा है। सीवर समस्या भी खत्म नहीं हुई। इस पर जलकल विभाग के जीएम नीरज गौड़ और अधिशासी अभियंताओं ने सफाई दी। पार्षद गिरीश चंद्रा, मेनका सिंह ने कहा कि जल निगम की टंकियां ठूंठ खड़ी हैं। ये चालू की जाएं।
श्याम नगर सड़क के लिए धरना
राजीव सेतिया सहित कई पार्षदों ने सदन पटल के पास नारेबाजी करते हुए धरना दिया। वे श्याम नगर की जर्जर सड़क बनवाने की मांग कर रहे थे। इसके अलावा लाइटें खराब होने का मामला भी कई पार्षदों ने उठाया। इस पर मुख्य अभियंता (यांत्रिक) आरके पाल ने बताया कि सभी टावरों में लाइटें लगेंगी।