जनसाधारण एक्सप्रेस हादसे का असर दूसरे दिन शनिवार को भी दिखा। दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग पर करीब 100 से अधिक ट्रेनें घंटों देरी से कानपुर सेंट्रल स्टेशन आईं। तेजस, राजधानी, शताब्दी सहित कई ट्रेनें एक से लेकर तीन घंटे तक आउटरों पर रुककर सेंट्रल स्टेशन आकर गंतव्य को गईं। इससे यात्री व उनके परिजन परेशान रहे। इस दौरान करीब 1600 यात्रियों ने टिकट निरस्त कराईं। सेंट्रल स्टेशन पर भी अफरा-तफरी मची रही।
शुक्रवार शाम भाऊपुर आउटर यार्ड पर हादसे के बाद राजधानी-कानपुर सेंट्रल शताब्दी जैसी ट्रेनें पांच घंटा तक देरी से सेंट्रल स्टेशन पहुंचीं। रात 10 बजे आने वाली ट्रेनें सुबह तीन बजे आईं। दिल्ली-हावड़ा रूट पर हादसे का असर दूसरे दिन तक ऐसा रहा कि लखनऊ जंक्शन से कानपुर सेंट्रल झांसी-मुंबई व अनवरगंज फर्रुखाबाद-कन्नौज के रास्ते जाने वाली ट्रेनें भी लेट हुईं। आगरा छावनी वंदे भारत एक्सप्रेस एक घंटा, हावड़ा दूरंतो एक्सप्रेस ढाई घंटा, सिक्किम महानंदा एक्सप्रेस सात घंटा, नार्थ-ईस्ट एक्सप्रेस पौने सात घंटा, दरभंगा क्लोन स्पेशल ढाई घंटा, नई दिल्ली स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस सवा चार घंटा, ऊंचाहार एक्सप्रेस पौने दो घंटा, अयोध्या कैंट-आनंद विहार टर्मिनल वंदे भारत तीन घंटा, हावड़ा-राजधानी एक घंटा, कानपुर सेंट्रल शताब्दी एक्सप्रेस व सियालदह राजधानी एक्सप्रेस पौने दो घंटा, गोरखधाम सुपरफास्ट एक्सप्रेस साढ़े चार घंटा सहित कई ट्रेनें लेट रहीं। स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस शनिवार सुबह 8:10 बजे दिल्ली पहुंची। वहां से दोपहर 12:10 बजे चलकर कानपुर सेंट्रल पर 6:10 बजे आई।