कोरोना महामारी के बीच ऑक्सीजन संकट का मुख्य कारण अस्पतालों में इसकी बर्बादी होना भी है। प्रदेश भर के अस्पतालों में जाने-अनजाने में 20 से 25 फीसदी ऑक्सीजन बर्बाद हुई। अगर ऐसा न होता तो काफी मरीजों की जान भी बच जाती। यह खुलासा आईआईटी के ऑक्सीजन ऑडिट सिस्टम एप से हुआ है।
इस बार ऑक्सीजन की कमी से बड़ी संख्या में संक्रमितों की मौतें हुई हैं। ऑक्सीजन संकट की वजह जानने के लिए प्रदेश सरकार ने आईआईटी से ऑक्सीजन ऑडिट सिस्टम एप तैयार करवाया था। 20 दिन पहले प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों को 54 सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन ऑडिट करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इनमें शहर के हैलट, रामा और उर्सला अस्पताल भी हैं।