आईआईटी का कैंपस सेलेक्शन 15 फीसदी कम
नोट बंदी का असर आईआईटी कानपुर के कैंपस सेलेक्शन पर भी पड़ा है। दिल्ली, कानपुर और मुंबई सहित अन्य आईआईटी में आने वाली कंपनियों की संख्या इस बार कम रही। सेलेक्शन करने पहुंची तमाम कंपनियों ने जॉब देने में कंजूसी दिखाई है। जो आंकड़े निकलकर सामने आए हैं, उसके मुताबिक सेलेक्शन प्रक्रिया 15 फीसदी प्रभावित हुई है।
कानपुर, दिल्ली, मुंबई, गुवाहाटी, रुड़की, खड़गपुर और मद्रास सहित अन्य आईआईटी की प्लेसमेंट प्रक्रिया एक दिसंबर से शुरू हुई है। पहले चरण का प्लेसमेंट 20 दिसंबर तक चलेगा। जनवरी से अप्रैल 2017 तक दूसरा चरण होगा। 15 दिसंबर तक सेलेक्शन के जो आंकड़े सामने आए हैं, वह निराश करने वाले हैं। इस बार (2016-17) देश की सभी आईआईटी के 55 फीसदी स्टूडेंटों को जॉब मिल चुकी है। कुछ मल्टीनेशनल कंपनियों को छोड़ दें तो वेतन पैकेज बहुत अच्छा नहीं है। जो नेशनल, मल्टीनेशनल कंपनियां 35-35 स्टूडेंटों को जॉब देती थीं, वह इस बार 5-5 स्टूडेंटों को लेकर गई हैं। कैंपस सेलेक्शन की रफ्तार भी धीमी है। पहले दो दिनों (एक, दो दिसंबर) में आईआईटी कानपुर के करीब 300 स्टूडेंटों को जॉब मिली थी। 15 दिसंबर तक यह संख्या 600 के आसपास है। आईआईटी कानपुर के 1025 स्टूडेंटों ने जॉब के लिए रजिस्ट्रेशन कराए हैं। आईआईटी दिल्ली, निदेशक प्रो. राम गोपाल राव ने बताया कि कमजोर अर्थव्यवस्था की वजह से कैंपस सेलेक्शन प्रभावित हुआ है। शुरुआत धीमी है। 20 दिसंबर तक निर्धारित लक्ष्य (करीब 80 फीसदी) के हिसाब से स्टूडेंटों को जॉब नहीं दिलाई जा सकेगी। इसके लिए दूसरे चरण के कैंपस सेलेक्शन का इंतजार करना होगा। आईआईटी दिल्ली का प्लेसमेेंट सबसे अच्छा रहता है लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। प्लेसमेंट प्रक्रिया प्रभावित है। इसका असर हर आईआईटी में देखने को मिला है।
अब तक 70 फीसदी को मिली थी जॉब
पिछले शैक्षिक सत्र (2015-16) के दौरान 15 दिसंबर तक 70 फीसदी स्टूडेंटों को जॉब ऑफर मिले थे। अच्छा वेतन पैकेज भी ऑफर हुआ था। मल्टीनेशनल कंपनियों ने 40-40 स्टूडेंटों को जॉब दी थी।
निदेशकों ने जताई चिंता
इंटर आईआईटी स्पोर्ट्स मीट की मेजबानी इस बार कानपुर को मिली है। इसी सिलसिले में देश के 23 आईआईटी के स्थायी, कार्यवाहक निदेशक 12 दिसंबर को कानपुर पहुंचे। सबने कम प्लेसमेंट पर चिंता जताई। डायरेक्टर मीट के दौरान कहा कि अब दूसरे चरण के कैंपस सेलेक्शन से निर्धारित लक्ष्य को पूरा किया जाएगा। यह चरण जनवरी से अप्रैल 2017 के बीच होगा।