कोहना थाना क्षेत्र के आर्यनगर में शनिवार को पैशन इनक्लेव में रहने वाले होटल व्यवसायी आशीष अग्रवाल (54) ने फंदा लगाकर जान दे दी। खुदकुशी से पहले सुसाइड नोट में लिखा कि मैं दादी के पास जा रहा हूं...अपनी मां और बहन का ख्याल रखना। मेरी जो भी लेनदारी और देनदारी है...उसकी जिम्मेदारी सिर्फ मेरी है। पुलिस की जांच में प्रथम दृष्टया कर्ज की बात सामने आई है। वहीं, परिजनों ने मां की मौत का डिप्रेशन बताया है।
आर्यनगर निवासी होटल व्यवसायी के बड़े भाई मनीष के अनुसार आशीष का भारतीय रिजर्व बैंक के सामने आमची मुंबई नाम से होटल है। ढाई साल पहले मां की मौत हो गई थी। मां से अधिक लगाव के कारण वह डिप्रेशन में रहते थे। शनिवार सुबह आशीष की पत्नी रुचि बाजार सब्जी खरीदने गई थीं। इस दौरान बड़ी भतीजी खुशी बाथरूम में थी। जब बेटी बाथरूम से बाहर निकली को पिता को कमरे में नहीं पाया। स्टोर रूम में पहुंची तो पिता को खिड़की की ग्रिल के सहारे चुन्नी से बनाए गए फंदे से लटका पाया।
पोस्टमार्टम हाउस में पंचनामा की कार्रवाई पूरी करते आशीष के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
चीख-पुकार सुनकर परिवार और आसपास के लोग पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। आशीष ने सुसाइड नोट की फोटो खींचकर उसे खुशी के व्हाट्सएप पर भी भेजा था। व्यवसायी की दो बेटियों में छोटी बेटी महक घटना के वक्त घरेलू काम में व्यस्त थी। एसीपी कर्नलगंज अमित चौरसिया फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।
जांच करते एसीपी कर्नलगंज अमित चौरसिया
- फोटो : अमर उजाला
कारोबारी के पास से एक सुसाइड नोट बरामद किया। एसीपी के अनुसार सुसाइड नोट में कर्ज का जिक्र है। प्रथम दृष्टया कर्ज से परेशान होकर खुदकुशी करने की आशंका है। फॉरेंसिक टीम ने जांच के लिए उनका मोबाइल जब्त किया है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।