जानकारी देते संचारी रोग नोडल अधिकारी डॉ. बीपी प्रियदर्शी
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ह्यूमन मेटा न्यूमो वायरस (एचएमपीवी) नया नहीं है। इसकी पहचान वर्ष 2001 में हो चुकी है। यह मौसमी वायरल संक्रमण है। यह संक्रमण भी इंफ्लुएंजा, पैरा इंफ्लुएंजा, रेस्पेरेटरी सेंसियल वायरस, कोरोना, एडिनो वायरस की तरह ही है। आम लोगों में यह संक्रमण एक से दो सप्ताह में ठीक हो जाता है। सामान्य वायरल संक्रमण की तरह ही इसके लक्षण हैं। बुधवार को यह बात जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के संचारी रोग अभियान प्रभारी और मेडिसिन विभाग के कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. बीपी प्रियदर्शी ने बताई।
शासन के निर्देश के मद्देनजर मेडिसिन विभाग के सभागार में एचएमपीवी के प्रबंधन और रोकथाम पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें निजी मेडिकल कॉलेज, नर्सिंगहोम और अस्पतालों के डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षण दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि एचएमपीवी वायरस के संक्रमण से सांस तंत्र के ऊपरी हिस्से में संक्रमण होता है। रेस्पेरेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. संजय वर्मा ने वायरस से संबंध लक्षण और उपचार के बारे में जानकारी दी। माइक्रोबायोलॉजी विभाग के डॉ. विकास मिश्रा ने एचएमपीवी की जांचों के संबंध में बताया। बालरोग विशेषज्ञ डॉ. अमितेश यादव ने बच्चों में एचएमपीवी के लक्षणों के बारे में जानकारी दी। हैलट के सीएमएस डॉ. एनसी त्रिपाठी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।