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सारी रात परिजन दिलाते रहे दिलासा
इसके बाद पतारा कस्बा निवासी उनके बुआ गीता देवी के घर लाया गया था। तब तक उसे पिता व बहनों की मौत की जानकारी नहीं दी गई थी। मंगलवार शाम उसके चाचा गांव ले गए थे, जहां उसे पिता और बहनों के अब कभी न मिलने की जानकारी हुई। जानकारी मिलने के बाद वह बेहाल हो उठी थी। सारी रात परिजन उसे दिलासा दिलाते रहे।
कई बार घर देखने पहुंची और निहारती रहती है मकान
बुधवार सुबह वह सबसे पहले सामने ही स्थित अपना गिरा हुआ घर ही देखने पहुंची। सूनी आंखों से वह घर को कुछ देर निहारती रही और आंसू बहाती रही। साथ ही, बचपन से बहनों और पिता के साथ गुजरा हर पर उसके दिमाग़ में उभरता रहा। चाचा रामू आदि ने बताया कि काजल दिन में कई बार घर देखने पहुंची और निहारती रहती है।
विधायक ने पहुंच कर बंधाया ढांढस
घटना के समय बाहर होने के चलते मौके पर न पहुंच पाने पर बुधवार को विधायक सरोज कुरील हिरनी गांव पहुंची। उन्होंने रो रही काजल को दिलासा दिया। उन्होंने परिजनों को हर संभव मदद का भरोसा दिया। साथ ही, बीडीओ को बुलाकर निर्देश दिए कि मलबे में दबे परिवार के जरूरी सामान को सुरक्षित बाहर निकलवाया जाए।