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काजल का दर्द: ‘पापा-बहनों को कहां छोड़ आए?', सूनी आंखों से निहार रही ढहा आशियाना, हिरनी गांव हादसा रिपोर्ट

Thu, 10 Sep 2026 09:52 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: हिरनी गांव में घर गिरने से पिता व तीन बहनों को खोने के बाद अस्पताल से लौटी काजल को घटना की जानकारी हुई, तो वह बिलख उठी। वह बार-बार अपने गिरे मकान को देखने पहुंच रही है। वहीं, विधायक सरोज कुरील ने गांव पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी।
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ढहे आशियाने को निहारती काजल - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में घाटमपुर क्षेत्र के हिरनी गांव में रविवार की सुबह हुए हादसे में पिता व तीन बहनों की घर गिरने पर दबकर मौत के बाद अकेली बची काजल अब गांव पहुंच गई है। गांव पहुंचने के बाद उसे सभी के बिछड़ने की हकीकत भी पता चल गई। वह कुछ कुछ देर में गिरे हुए घर को देखने पहुंच जाती है।

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मालूम हो कि हिरनी गांव में रविवार को कच्चा घर गिरने से गांव निवासी मुकेश और उनकी बेटी माया, पल्लवी, नीतू की मौत हो गई थी। वहीं काजल का इलाज कानपुर स्थित एक निजी अस्पताल में चल रहा था।  सोमवार देर रात काजल को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।

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सारी रात परिजन दिलाते रहे दिलासा

इसके बाद पतारा कस्बा निवासी उनके बुआ गीता देवी के घर लाया गया था। तब तक उसे पिता व बहनों की मौत की जानकारी नहीं दी गई थी। मंगलवार शाम उसके चाचा गांव ले गए थे, जहां उसे पिता और बहनों के अब कभी न मिलने की जानकारी हुई। जानकारी मिलने के बाद वह बेहाल हो उठी थी। सारी रात परिजन उसे दिलासा दिलाते रहे।

कई बार घर देखने पहुंची और निहारती रहती है मकान
बुधवार सुबह वह सबसे पहले सामने ही स्थित अपना गिरा हुआ घर ही देखने पहुंची। सूनी आंखों से वह घर को कुछ देर निहारती रही और आंसू बहाती रही। साथ ही, बचपन से बहनों और पिता के साथ गुजरा हर पर उसके दिमाग़ में उभरता रहा। चाचा रामू आदि ने बताया कि काजल दिन में कई बार घर देखने पहुंची और निहारती रहती है।
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विधायक ने पहुंच कर बंधाया ढांढस
घटना के समय बाहर होने के चलते मौके पर न पहुंच पाने पर बुधवार को विधायक सरोज कुरील हिरनी गांव पहुंची। उन्होंने रो रही काजल को दिलासा दिया। उन्होंने परिजनों को हर संभव मदद का भरोसा दिया। साथ ही, बीडीओ को बुलाकर निर्देश दिए कि मलबे में दबे परिवार के जरूरी सामान को सुरक्षित बाहर निकलवाया जाए।
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