हंगामा कर रहे पार्षदों को सदन से निष्कासित करने के लिए कहा
इस बीच कई अन्य पार्षद भी बीच में आ गए। कहासुनी के बीच पवन गुप्ता पोस्टर दिखाते हुए सीवर लाइन की मांग करने लगे। अंकित समस्याएं रखने के लिए कहने लगे। रोकने पर वह हंगामा करने लगे। सत्तारूढ़ पार्टी के ही कुछ पार्षद उनका समर्थन करने लगे जबकि हंगामा कर रहे भाजपा पार्षदों को उन्हीं की पार्टी के वरिष्ठ पार्षद नवीन पंडित सहित अन्य कई ने रोकने का प्रयास किया। आपसी खींचतान से सदन की कार्यवाही में व्यवधान पड़ता देख भाजपा पार्षद दल के नेता ने महापौर से हंगामा कर रहे पार्षदों को सदन से निष्कासित करने के लिए कहा।
सदन में अपनी ही पार्टी से भिड़े पार्षद
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अपने ही दल के पार्षदों से अभद्रता की
हंगामा बढ़ता देख महापौर ने सदन की बैठक समाप्त करने की घोषणा करते हुए राष्ट्रगान शुरू करा दिया। राष्ट्रगान के दौरान भी पार्षद हंगामा करते दिखाई दिए। इसके बाद भाजपा पार्षद दल के नेता नवीन पंडित सहित सत्तारूढ़ पार्टी के अन्य सदस्यों ने दोनों पार्षदों को सदन से निष्कासित करने के लिए पत्र दिया। नवीन पंडित के अनुसार, दोनों पार्षदों ने सदन में बार-बार मना करने के बावजूद अपने ही दल के पार्षदों से अभद्रता की। उन्होंने भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल से इसकी शिकायत की।
सदन में भेदभाव करने का आरोप लगाया
वहीं, महापौर ने कहा पवन और अंकित ने सदन के आचरण के विरुद्ध कार्य कर इसकी गरिमा को तार-तार किया। इनके आचरण के कारण सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई। उन्हें सदन की चार बैठकों से निलंबित किया है। दोनों को इस संबंध में नोटिस भी दिया है। वह इनकी शिकायत मुख्यमंत्री, क्षेत्रीय अध्यक्ष से करेंगी। उधर, पवन गुप्ता, अंकित मौर्या के साथ ही विकास जायसवाल, लक्ष्मी कोरी, आलोक पांडेय ने वार्डों में विकास कार्य न कराने, सदन में भेदभाव करने का आरोप लगाया है।