सीएमई में बोलतीं आईएमए अध्यक्ष डॉ नंदिनी रस्तोगी
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इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के बैनर तले आयोजित सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम में हृदय और प्रोस्टेट सर्जरी के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही घुटना प्रत्यारोपण की नवीनतम तकनीक बताई गईं। एसोसिएशन के सभागार में हुई सीएमई का पहला सत्र हार्ट सर्जरी का रहा। इसमें विशेषज्ञ डॉ. गौरांग मजूमदार ने बताया कि आधुनिक तकनीकों की मदद से हार्ट सर्जरी पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और प्रभावी हो गई है। इसमें कम दर्द होता है और जटिलताएं भी कम होती हैं।
डॉ. मजूमदार ने बताया कि अब बहुत छोटे चीरे से हार्ट सर्जरी हो जाती है। इससे रिकवरी तेज होती है। दूसरे सत्र में अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. सौरव शुक्ला ने नवीनतम जोड़ प्रत्यारोपण तकनीकों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नए इम्प्लांट और रोबोटिक असिस्टेड सर्जरी ने घुटना प्रत्यारोपण को अधिक सटीक बना दिया है। रोगियों को लंबे समय तक राहत मिलती है और उनकी जीवनशैली बेहतर होती है।
सीएमई कार्यक्रम का आयोजन
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गुर्दा रोग विशेषज्ञ डॉ. मनमीत सिंह ने प्रोस्टेट से जुड़ी आम भ्रांतियों के संबंध में बताया। उन्होंने कहा कि बहुत से लोग प्रोस्टेट संबंधी समस्याओं को उम्र का असर मानकर अनदेखा कर देते हैं। समय पर सही जांच और आधुनिक इलाज से इन समस्याओं को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। रोबोटिक सर्जरी ने प्रोस्टेट सर्जरी को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बना दिया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता आईएमए अध्यक्ष डॉ नंदिनी रस्तोगी ने की। संचालन वैज्ञानिक सचिव डॉ. गणेश शंकर ने किया। इस मौके पर डॉ कीर्ति वर्धन सिंह, डॉ एसी अग्रवाल, डॉ क्षमा शुक्ला ने, डॉ. आरपीएस भारद्वाज, डॉ. मो. अहमद, डॉ. संजय रस्तोगी, डॉ संजय कुमार मौजूद रहे।