फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कानपुर GSVM की रिपोर्ट:: 'दुलार भरी पैरेंटिंग' कम कर रही बर्दाश्त की क्षमता, किशोरों में बढ़ रहा सुसाइडल रिस्क

Fri, 27 Feb 2026 09:13 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: जीएसवीएम के मनोरोग विभाग की जांच में सामने आया है कि मोबाइल की लत और माता-पिता का अत्यधिक दुलार बच्चों को मानसिक रूप से कमजोर बना रहा है। पिछले डेढ़ साल में 250 किशोरों ने परीक्षा या छोटी बातों के तनाव में इलाज कराया है।
विज्ञापन
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

किशोरों और युवाओं में बर्दाश्त करने की क्षमता कम हो रही है। जरा सी बात पर वे अवसाद में आ जाते हैं। आवेगी निर्णय पर भी नियंत्रण नहीं रख पाते और घातक कदम उठा लेते हैं। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विभाग के बाल एवं किशोरावस्था क्लीनिक में ऐसे मामले लगातार आ रहे हैं। मनोरोगियों के हिस्ट्री से पता चला है कि इसके लिए दुलार भरी पैरेंटिंग भी जिम्मेदार है।

विज्ञापन

हर चीज तुरंत सुलभ होने पर वे कोई अनचाही घटना होने पर तनाव में आ जाते हैं। किशोरों और युवाओं के बदलते पर मिजाज पर जो अध्ययन किया गया है, उसमें हर एक मामले में मोबाइल की स्क्रीन का दखल भी मिला है। मनोरोग प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष डॉ. धनंजय चौधरी का कहना है कि संयुक्त परिवार टूटने और एकाकी परिवार होने से मां-बाप दुलार में बच्चों की हर बात जल्दी मान लेते हैं।

डेढ़ साल में ओपीडी में 250 रोगी आए
किसी एक बात के इनकार पर उनमें क्रोध भर जाता है। इस क्रोध से बर्दाश्त की क्षमता कम हो गई है। इसके अलावा स्क्रीन इसे और बढ़ा रहा है। गेमिंग में मारधाड़ देखते हैं। यह भी उनमें आवेगी प्रवृत्ति बढ़ाने लगता है। ऐसे बच्चों की फ्रेंड सर्किल विस्तृत नहीं होती। अब उन्हें दादा-नानी की दंत कथाएं कोई नहीं सुनाता। साइकेट्रिस्ट डॉ. कृतिका चावला ने बताया कि डेढ़ साल में ओपीडी में 250 रोगी आए हैं। इनका आयु वर्ग पांच साल से 17 वर्ष रहा है।
विज्ञापन

ये भी हैं कारण
  • एक बच्चा होना, सभी का उस पर फोकस रहना।
  • 30 सेकंड की रील देखकर कम धैर्य का माइंडसेट बनना।
  • ऑनलाइन तुरंत सवाल का जवाब मिला, इससे सब्र घटता है।
  • एआई आदि से गलत सूचना मिल जाना।
  • आत्मसम्मान को जल्दी चोट पहुंचना।
  • दोस्तों की सर्किल का दायरा सिमट जाना।
  • भावनात्मक रूप से संतुष्ट न रहना।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें