पिलर लेस बनाया जाएगा स्टेडियम
मंडलायुक्त ने बताया कि वर्तमान में स्टेडियम कई हिस्सों में विभाजित दिखाई देता है। वीआईपी और डायरेक्ट्रेक्ट पवेलियन में लगे पिलरों के कारण कई दर्शकों को मैच देखने में बाधा आती है। नए डिजाइन में पूरे स्टेडियम को पिलर लेस बनाया जाएगा, जिससे किसी भी सीट से दर्शकों को मैदान का स्पष्ट दृश्य मिल सके। पूरा स्टेडियम एक समान डिजाइन और आधुनिक स्वरूप में विकसित किया जाएगा। दर्शक दीर्घाओं के नीचे फूड प्लाजा और वीआईपी पार्किंग की भी व्यवस्था की जाएगी।
तीन चरणों में होगा निर्माण कार्य
वर्तमान में ग्रीनपार्क स्टेडियम की दर्शक क्षमता लगभग 32 हजार है। पहले चरण में कुछ पुरानी दीर्घाओं को हटाने के कारण करीब 1500 सीटें कम हो जाएंगी और क्षमता घटकर लगभग 30,500 रह जाएगी। दूसरे चरण में कई और दीर्घाएं हटाई जाएंगी, जिससे करीब 12,500 सीटें कम होंगी और क्षमता 18000 रह जाएगी। इसके बाद नए निर्माण के तहत 15,280 नई सीटें जोड़ी जाएंगी और कुल क्षमता बढ़कर 33,280 हो जाएगी।
ड्रेनेज सिस्टम का भी कुछ कार्य कराया जाएगा
तीसरे और अंतिम चरण में 18 हजार सीटों को हटाकर नए सिरे से निर्माण किया जाएगा, जिससे क्षमता 15280 रह जाएगी। इस चरण में 19,761 नई सीटें बनाई जाएंगी और स्टेडियम की कुल दर्शक क्षमता बढ़कर लगभग 35,041 हो जाएगी। कार्य को करीब 24 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पहले चरण में आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम का भी कुछ कार्य कराया जाएगा।