आने वाली पीढ़ी के लिए लाभदायक है अध्ययन
इसके अलावा इनका खानपान भी नियमित नहीं था जिसकी वजह से इनकी प्रजनन गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। डॉ. रस्तोगी ने बताया कि अभी यह अध्ययन पूरा नहीं हुआ है। इसमें हम 250 जोड़ों पर और अध्ययन करेंगे, तब स्थिति और ज्यादा स्पष्ट होगी। अलीगढ़ में कॉन्फ्रेंस में पहला पुरस्कार तेलंगाना के एम्स बीबीपुर को मिला है, दूसरा पुरस्कार जीएसवीएम और तीसरा पुरस्कार केजीएमयू लखनऊ को मिला है। डॉ. डॉली ने बताया कि यह अध्ययन आगे आने वाली पीढ़ी के लिए लाभदायक है। इससे समय रहते हम नई पीढ़ी को सूचित कर पाएंगे कि जीवनशैली में सुधार करें।
बांझपन से हैं आईवीएफ सेंटर आबाद
बांझपन की समस्या के चलते ही शहर में आईवीएफ सेंटर आबाद हैं। इन सेंटर में लाखों रुपये खर्च कर लोग माता-पिता बनने का सपना लेकर जाते हैं पर कई जोड़ों को ये सुख नसीब नहीं हो पाता। डॉक्टरों के अनुसार दिनचर्या सुधार से बांझपन की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। रात को एक नियमित समय पर सोएं, रोजाना कम से कम 30-45 मिनट योग या एक्सरसाइज करें। तनाव दूर करने के लिए ध्यान लगाएं।
बांझपन से हैं आईवीएफ सेंटर आबाद
बांझपन की समस्या के चलते ही शहर में आईवीएफ सेंटर आबाद हैं। जहां लाखो रुपये खर्च कर लोग माता-पिता बनने का सपना लेकर जाते हैं, जिसमें से भी सभी को ये सुख नसीब नहीं हो पाता है। लेकिन खर्च सभी का हो जाता है। डॉक्टरों के अनुसार अगर आज युवा अपनी दिनचर्या को सुधार लें तो उनमें बांझपन की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
गड़बड़ लाइफस्टाइल है जिम्मेदार
डॉ. डॉली रस्तोगी के अनुसार वर्तमान में पति-पत्नी दोनों ही बाहर काम कर रहे हैं। कारपोरेट और आईटी सेक्टर जैसे क्षेत्रों में समय का कोई प्रबंधन न होने के चलते लोग न तो समय से सोते हैं और न ही उठते हैं। महिलाओं में पर्याप्त नींद न लेने से हार्मोन प्रभावित होते हैं, जो अंडे बनने की प्रक्रिया के लिए जिम्मेदार हैं। इससे मासिक धर्म चक्र भी अनियमित हो जाता है। वहीं कुछ शोध बताते हैं कि पुरुष अगर छह घंटे से भी कम सोते हैं, तो उनके स्पर्म काउंट और क्वालिटी में गिरावट देखी गई है।
नियमित समय पर सोएं, रोजाना योग या एक्सरसाइज करें
वहीं सिटिंग जॉब और शारीरिक मेहनत की कमी से मोटापा बढ़ता है और प्रजनन अंगों के रक्त संचार को धीमा कर देता है। एक्सरसाइज न करने वाली महिलाओं में पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम ( पीसीओएस) का खतरा बढ़ जाता है, जो बांझपन का मुख्य कारण है। डॉक्टरों के अनुसार रात को एक नियमित समय पर सोएं, रोजाना कम से कम 30-45 मिनट योग या एक्सरसाइज करें। तनाव दूर करने के लिए ध्यान लगाएं।