प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से सोने के गहनों की खरीद एक साल तक न करने के आह्वान का मंगलवार को सराफा बाजार पर खास असर नहीं पड़ा। उसके उलट भाव और तेज हो गए। जबकि गोल्ड ईटीएफ में भी तेजी देखने को मिली। वहीं सराफा संगठन ने बैठक कर सोने के गहनों की खरीद न करने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि पहले सरकार जनप्रतिनिधियों और सरकारी अफसरों के ईंथन खर्च पर एक साल तक रोक लगाए। व्यापारी सरकार से कुछ नहीं लेता है बल्कि राजस्व देता है।
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स्टॉक एक्सचेंज पर ट्रेड होने वाले गोल्ड आधारित निवेश उत्पादों विशेषकर सोवरन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) और गोल्ड ईटीएफ में जोरदार गतिविधि देखने को मिल रही है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के आंकड़ों के अनुसार पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में एसजीबी और ईटीएफ दोनों के टर्नओवर में 25 से 33 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई है। एनएसई पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 8 मई 2026 को जहां सोवरन गोल्ड बॉन्ड की कुल ट्रेडेड वैल्यू करीब कानपुर समेत देश भर में 16.59 करोड़ थी। वहीं 12 मई 2026 तक यह बढ़कर लगभग 32.95 करोड़ पहुंच गई। ईटीएफ में भी रिकॉर्ड कारोबार देखने को मिला।
सोने का भाव मंगलवार को बढ़कर 1,55,700 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गए। चांदी का भाव प्रतिकिलो 2,76,000 हो गया। उत्तर प्रदेश सराफा एसोसिएशन के मंत्री रामकिशोर मिश्रा और ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड स्मिथ फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज अरोड़ा ने बताया कि सोना-चांदी के भावों में तेजी देखी गई। बाजार पूर्व की तरह ही धीमा रहा।
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सराफा क्या करें ये सरकार बताए
कानपुर महानगर बुलियन एंड सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष आशू शर्मा की अगुवाई में चौक सराफा में बैठक हुई। इसमें प्रधानमंत्री के बयान पर सराफा कारोबारियों ने नाराजगी जताई है। अध्यक्ष ने कहा कि यदि उन्हें ईंथन बचाना है तो पहले ये व्यवस्था जनप्रतिनिधियों और अफसरों पर लागू करनी चाहिए। सांसद, विधायकों की फ्लीट में दर्जनों वाहन क्यों चल रहे हैं। इस पर तत्काल रोक लगनी चाहिए। बैठक में विकास वर्मा, जलज द्विवेदी, जयदीप गुप्ता, विमल बाजपेई, राजेंद्र वर्मा, उत्कर्ष गुप्ता, सतनाम सिंह, राजेश शुक्ला, दीपू साहू, मनेज वर्मा आदि थे।
गोल्ड ईटीएफ में नए निवेश पर लग सकती है रोक
शेयर मामलों के जानकार राजीव सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री के भौतिक सोने की खरीद को लेकर संयम बरतने के बाद सोवरन गोल्ड और गोल्ड ईटीएफ के टर्नओवर में 25 फीसदी से अधिक की तेजी देखने को मिली है। अगर इसी रफ़्तार से टर्नओवर बढ़ता रहा तो म्यूच्यूअल फंड कंपनियां (फंड हाउस) गोल्ड ईटीएफ के नए निवेश पर अस्थायी रोक लगाने या सीमित आवंटन जैसे कदम उठा सकती हैं।