बच्चे वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बना सकते हैं
सत्येंद्र इशारों की भाषा के माध्यम से बच्चों को खेल की बारीकियां सिखाते हैं और उनके आत्मविश्वास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हैं। उनका मानना है कि जिन्हें समाज अक्सर कमजोर समझता है, वे वास्तव में असाधारण प्रतिभा के धनी होते हैं। सही मार्गदर्शन मिलने पर ये बच्चे वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बना सकते हैं। वह प्रत्येक खिलाड़ी की क्षमता को समझकर उसके अनुसार खेल का चयन करते हैं।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में जीत चुके हैं पदक
इसके बाद डेमो के माध्यम से प्रशिक्षण देते हैं। वह कहते हैं कि विशेष बच्चों की स्मरण शक्ति बेहद मजबूत होती है, जिससे वे एक बार सीखी चीज को लंबे समय तक याद रखते हैं। इसी कारण उनके मार्गदर्शन में अब तक 20 से अधिक खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुके हैं।