वार रूम से होगी निगरानी
टॉयलेट और कोच की सफाई की निगरानी एआई के जरिए की जाएगी। तकनीक की मदद से निगरानी के लिए वार रूम बनाए जाएंगे, जहां से एआई आधारित फोटो के आधार पर सफाई सुनिश्चित की जाएगी। सफाई कर्मियों को पहले और बाद की फोटो एप पर अपलोड करनी होगी, जो जियो-टैग्ड और टाइम-स्टैम्प्ड होगी। हर ट्रेन में छह सफाई कर्मी और दो सुपरवाइजर तैनात रहेंगे। टॉयलेट और वॉश बेसिन सुबह 5 से 10 बजे और शाम 6 से 10 बजे के बीच हर दो घंटे में साफ किए जाएंगे। इस नई नीति से कानपुर से होकर गुजरने वाली चौरीचौरा, अवध, पुरुषोत्तम, पनवेल एक्सप्रेस सहित अन्य ट्रेनों के जनरल और स्लीपर कोच भी साफ-सुथरे रहेंगे।
नई नीति के तहत जनरल और स्लीपर कोच में सफाई व्यवस्था और पुख्ता होगी। यात्रियों को स्वच्छ और साफ-सुथरा माहौल मुहैया कराने के लिए यह व्यवस्था की गई है। -शशिकांत त्रिपाठी, मुख्य जनसंपर्क अधिरकारी, उत्तर-मध्य रेलवे