उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में लगातार बादल फटने की घटनाओं के बीच गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। 15 दिन बाद गंगा का जलस्तर फिर से चेतावनी बिंदु को पार कर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। जलस्तर खतरे के निशान से सिर्फ 27 सेंटीमीटर दूर है। बैराज के अधिकारी और जिला प्रशासन गंगा बैराज और नदी के आसपास के क्षेत्रों में अलर्ट घोषित कर दिया है। अगले 48 घंटे में जलस्तर और बढ़ने की संभावना है। इससे पहले 21 अगस्त को जलस्तर 114.80 मीटर तक पहुंचा था।
रविवार को बैराज पर गंगा का जलस्तर 114.73 मीटर था। चेतावनी बिंदु 114 मीटर पर है। गंगा खतरे के निशान 115 मीटर से मात्र 27 सेटीमीटर दूर हैं। बैराज अधिकारियों का कहना है कि हरिद्वार और नराैरा से लगातार आ रहे पानी की वजह से उन्नाव, कानपुर, कन्नाैज और प्रयागराज में भी जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया है। कन्नौज की गर्रा नदी से भी काफी मात्रा में पानी आ रहा है। दो दिन पहले नरौरा से भी दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था जो महानगर पहुंच चुका है। दिन में भी नरौरा से एक लाख 91 हजार 442 और हरिद्वार से 89068 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसका असर पर बैराज के जलस्तर पर पड़ा है।
कटरी के गांवों में भरा पानी
- फोटो : अमर उजाला
इसे देखते हुए बैराज के सभी 30 गेट खोलकर चार लाख 19 हजार 527 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। पानी अटल घाट, सरसैया घाट, भैरव घाट सहित अन्य घाटों पर सीढि़यों तक पहुंच गया। जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं को सीढि़यों तक जाने पर रोक लगा दी गई है। वहीं शुक्लागंज में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु पार कर गया है। वहां रविवार को जलस्तर 114.02 मीटर था जो चेतावनी बिंदु से दो सेंटीमीटर अधिक है।
कटरी के गांवों में भरा पानी
- फोटो : अमर उजाला
कटरी के इलाकों में दहशत
एक बार फिर जलस्तर बढ़ने से कटरी के इलाकों पर खतरा मंडराने लगा है। चैनपुरवा, भगवानदीनपुरवा, ख्योरा कटरी, दुर्गापुरवा, भोपालपुरवा, रानीघाट, दिबनीपुरवा, रामपुर, पहाड़ी पुरवा, छोटा व बड़ा मंगलपुर, नत्थापुरवा, कद्दूपुरवा और कल्लू पुरवा गांवों के लोग दहशत में हैं। प्रशासन भी इन इलाकों में सतर्कता बरत रहा है।
गर्रा नदी और नरौरा से दो दिन पहले छोड़े गए पानी की वजह से जलस्तर बढ़ा है। प्रयागराज में भी बढ़े पानी का असर है। तीन से चार दिन में जलस्तर घटने लगेगा। - अजय कुमार, अवर अभियंता बैराज निर्माणखंड-2