खेतों में फसल पानी में डूब चुकी है
किसान रोहित निषाद, रामस्वरूप, कमलेश, राजू और रामकिशन ने बताया कि खेतों में बैंगन, लोबिया, तरोई, कुंदरू और लौकी की फसल खड़ी थी, जो पानी में डूब चुकी है। किसानों को आशंका है कि रात में जलस्तर बढ़ा तो गुरुवार को भोपालपुरवा की गलियों में भी पानी पहुंच सकता है। इसके अलावा बनियापुरवा, दुर्गापुरवा, लछिमनपुरवा, गिल्लीपुरवा, मक्कापुरवा, शिवदीनपुरवा, डल्लापुरवा, हृदयपुर तिसजा और भारतपुरवा-ईश्वरीगंज के खेतों में भी पानी भर गया है।
कई मोहल्लों में जलभराव
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नदी किनारे बसे गांवों में सतर्कता बढ़ाई
कई स्थानों पर दो से तीन फीट तक पानी है। बिठूर के ब्रह्मावर्त, लक्ष्मण, पत्थर और सीता घाट की सीढ़ियां भी लगभग डूब चुकी हैं। गेज रीडर ने बताया कि बैराज से शुक्लागंज की ओर 93,512 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। वहीं नरौरा बांध से 1,11,969 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों में सतर्कता बढ़ाई है।
- बैराज अपस्ट्रीम (बैराज से बिठूर की तरफ)- 114.62 मीटर/ चेतावनी बिंदु- 114 मीटर
- बैराज डाउनस्ट्रीम (बैराज से परमट की तरफ)- 114.28 मीटर/खतरे का निशान- 115 मीटर
- शुक्लागंज- 113.01 मीटर / चेतावनी बिंदु - 113 मीटर