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Kanpur: बच्चे की लंबाई के आधार पर वसूला पूरा टिकट, ब्लू वर्ल्ड को देने होंगे 56 हजार रुपये, पढ़ें मामला

Sat, 13 Dec 2025 09:55 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: कानपुर उपभोक्ता आयोग ने ब्लू वर्ल्ड थीम पार्क को 12 साल से कम उम्र की बच्ची का लंबाई के आधार पर पूरा टिकट वसूलने के 2017 के मामले में 7% ब्याज सहित 56,170 रुपये चुकाने का आदेश दिया है।
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कोर्ट का फैसला - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में ब्लू वर्ल्ड थीम पार्क में लंबाई के आधार पर बच्चे का पूरा टिकट वसूलना पार्क प्रबंधन को महंगा पड़ गया। 14 अगस्त 2017 को पार्क में 12 साल से कम उम्र की बच्ची का पूरा टिकट वसूलने के मामले में उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष विनोद कुमार ने संस्थान के मैनेजिंग डायरेक्टर को कुल 56170 रुपये चुकाने का आदेश दिया है। यह अर्थदंड संस्थान को वाद दाखिल होने की तारीख से भुगतान करने की तारीख तक सात प्रतिशत ब्याज की दर से अदा करना होगा।

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किदवईनगर निवासी अधिवक्ता मनीष कुमार शर्मा संस्थान के विशेष ऑफर का विज्ञापन देखकर अपनी पत्नी, बेटे व 12 वर्ष से कम उम्र की बेटी के साथ ब्लू वर्ल्ड थीम पार्क गए थे। उन्होंने बताया कि उस दिन संस्थान के विशेष ऑफर की वजह से फेयरी लैंड वाटर वर्ल्ड का टिकट व्यस्क 350 रुपये व बच्चे का 180 रुपये का था। उन्होंने तीन व्यस्क व एक बच्चे का टिकट लिया।

उपभोक्ता आयोग में दर्ज कराया परिवाद
एंट्री करते वक्त 12 साल से कम उम्र की बेटी की लंबाई संस्थान के निजी मानक 110 सेमी से ज्यादा बताकर उसका भी पूरा टिकट लेने के लिए मजबूर किया गया। इस पर मनीष ने 170 रुपये अतिरिक्त भुगतान करके पूरा टिकट खरीदा। लौटने के बाद मनीष ने संस्थान को कानूनी नोटिस भेजा, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब न मिलने पर उन्होंने 23 अक्टूबर 2017 को उपभोक्ता आयोग में परिवाद दर्ज कराया।
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कोई ठोस सुबूत पेश नहीं किया जा सका
ब्लू वर्ल्ड की ओर से दाखिल जवाब में कहा गया कि 12 साल की उम्र तक का बच्चा नाबालिग होता है यह सिद्धांत उनके संस्थान पर लागू नहीं होता। ब्लू वर्ल्ड निजी संस्थान है इसलिए वहां सामान्य नियम लागू नहीं होते। हालांकि, अपने जवाब के समर्थन में संस्थान की ओर से कोई ठोस सुबूत पेश नहीं किया जा सका। संस्थान की ओर से बहस के लिए भी कोई नहीं पहुंचा जिस पर आयोग ने मनीष की एकपक्षीय बहस सुनकर व दाखिल सुबूतों के आधार पर मनीष के पक्ष में फैसला सुनाया।
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