उपभोक्ता आयोग में दर्ज कराया परिवाद
एंट्री करते वक्त 12 साल से कम उम्र की बेटी की लंबाई संस्थान के निजी मानक 110 सेमी से ज्यादा बताकर उसका भी पूरा टिकट लेने के लिए मजबूर किया गया। इस पर मनीष ने 170 रुपये अतिरिक्त भुगतान करके पूरा टिकट खरीदा। लौटने के बाद मनीष ने संस्थान को कानूनी नोटिस भेजा, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब न मिलने पर उन्होंने 23 अक्टूबर 2017 को उपभोक्ता आयोग में परिवाद दर्ज कराया।
कोई ठोस सुबूत पेश नहीं किया जा सका
ब्लू वर्ल्ड की ओर से दाखिल जवाब में कहा गया कि 12 साल की उम्र तक का बच्चा नाबालिग होता है यह सिद्धांत उनके संस्थान पर लागू नहीं होता। ब्लू वर्ल्ड निजी संस्थान है इसलिए वहां सामान्य नियम लागू नहीं होते। हालांकि, अपने जवाब के समर्थन में संस्थान की ओर से कोई ठोस सुबूत पेश नहीं किया जा सका। संस्थान की ओर से बहस के लिए भी कोई नहीं पहुंचा जिस पर आयोग ने मनीष की एकपक्षीय बहस सुनकर व दाखिल सुबूतों के आधार पर मनीष के पक्ष में फैसला सुनाया।