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Kanpur: अखिलेश दुबे और उसके साथियों से सांठगांठ में चार इंस्पेक्टर, एक दरोगा निलंबित

Sat, 30 Aug 2025 09:28 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

अखिलेश दुबे और उसके साथियों से सांठगांठ में पुलिस कमिश्नर ने बड़ी कार्रवाई की है। चार इंस्पेक्टर व एक दरोगा को निलंबित किया है।
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नीरज ओझा व इंस्पेक्टर अमान सिंह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अधिवक्ता अखिलेश दुबे और उसके साथियों से सांठगांठ करने, उन्हें लाभ पहुंचाने, तथ्यों को छिपाने पर कमिश्नरी पुलिस के चार इंस्पेक्टर और एक दरोगा को निलंबित कर दिया गया है। इसमें इंस्पेक्टर मानवेंद्र सिंह, आशीष कुमार द्विवेदी, अमान सिंह, नीरज ओझा, एसआई सनोज पटेल शामिल हैं। यह कार्रवाई पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने एसआईटी की रिपोर्ट के बाद शनिवार की शाम को की है। नौबस्ता आवास विकास क्षेत्र में गलत कार्य कराने और विभाग की छवि धूमिल करने पर आवास विकास चौकी प्रभारी आदेश कुमार यादव को भी सस्पेंड किया गया है। सभी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो गई है।  
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कमिश्नरी पुलिस की ओर से गिरोह बनाकर दुष्कर्म और छेड़छाड़ के फर्जी मामलों में रिपोर्ट दर्ज कराने वाले गिरोह की जांच के लिए एसआईटी का गठन हुआ था, जिसकी जांच में अधिवक्ता अखिलेश दुबे और उसके साथियों का नाम सामने आया। एसआईटी की रिपोर्ट के बाद बर्रा, किदवईनगर, कल्याणपुर, कोतवाली, ग्वालटोली थाने में एफआईआर दर्ज हुईं, जबकि बाद में अखिलेश दुबे के खिलाफ आरोप लगाते हुए कई और प्रार्थना पत्र आए। इन सभी की जांच चल रही है। एसआईटी की जांच में आरोपियों के साथ पुलिस, प्रशासनिक और कई सफेदपोशों के नाम सामने आए। तीन क्षेत्राधिकारी, एक इंस्पेक्टर और केडीए के पूर्व व वर्तमान कर्मचारी को नोटिस भेजकर बयान देने के लिए बुलाया गया।

अधिवक्ता अखिलेश दुबे - फोटो : अमर उजाला
हालांकि 29 और 30 अगस्त को कोई भी नहीं पहुंचा। उनके शीर्ष अधिकारियों को दोबारा से पत्र भेजा गया है। एसआईटी की जांच में तत्कालीन व वर्तमान इंस्पेक्टर और चौकी इंचार्ज की संलिप्ता मिली, जिन्होंने किसी न किसी तरह से अखिलेश दुबे और उसके साथियों का सहयोग किया है। पनकी इंस्पेक्टर मानवेंद्र सिंह और बर्रा इंस्पेक्टर नीरज ओझा को दो दिन पहले थाने से हटाकर पुलिस लाइन के कमांडो यूनिट भेजा गया था। कमिश्नरी पुलिस के स्टाफ ऑफिसर राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि चार इंस्पेक्टर और दो दरोगाओं को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच चल रही है।

 

इंस्पेक्टर मानवेंद्र सिंह - फोटो : अमर उजाला
इन पुलिसकर्मियों पर लगे आरोप
- मानवेंद्र सिंह ने पनकी में इंस्पेक्टर रहते हुए अखिलेश दुबे औ उसके सहयोगियों से सांठगांठ कर उन्हें लाभ पहुंचाया। क्षेत्र के भूमि विवाद की शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की। अखिलेश दुबे प्रकरण में तथ्यों को छिपाया और उच्चाधिकारियों को जानकारी नहीं दी।
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इंस्पेक्टर आशीष कुमार द्विवेदी - फोटो : अमर उजाला
- आशीष कुमार द्विवेदी ने नवाबगंज और फजलगंज थाना प्रभारी होते हुए भूमाफिया और अधिवक्ता अखिलेश दुबे व उसके साथियों से संपर्क रखा। अखिलेश दुबे के अपराध में इंस्पेक्टर की संलिप्ता पाई गई। भाजपा नेता रवि सतीजा को अखिलेश दुबे के दरबार तक पहुंचाया। एफआईआर के बाद से फरार है।
- ग्वालटोली थाना प्रभारी अमान सिंह ने अखिलेश दुबे के साथी लवी मिश्रा, लकी मिश्रा, सौरभ द्विवेदी, प्रशांत और दो-तीन अन्य को दर्ज रिपोर्ट में लाभ पहुंचाया। अधिकारियों को बिना बताए आरोपियों की बेल अर्जी कोर्ट को प्रेषित कर दी। 
- नीरज ओझा ने बर्रा थाना प्रभारी रहते हुए अखिलेश दुबे और उसके साथियों से सांठगांठ की। भाजपा नेता रवि सतीजा के ऊपर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली युवती को उनकी पुत्रवधु बताकर पीएमओ को रिपोर्ट भेज दी थी। अधिकारियों को बिना बताए झूठे तथ्य प्रस्तुत किए।
- ग्वालटोली थाने के दरोगा सनोज पटेल ने अखिलेश दुबे के साथियों लवी मिश्रा, लकी मिश्रा, सौरभ द्विवेदी, प्रशांत और दो-तीन अन्य के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर में उनको लाभ पहुंचाया। अधिकारियों को बिना बताए जानबूझकर बेल की अर्जी न्यायालय में प्रेषित की।
- नौबस्ता आवास विकास चौकी प्रभारी आदेश कुमार यादव के खिलाफ क्षेत्र में गलत कार्य कराने, जनता व स्टाफ से खराब व्यवहार की शिकायतें मिलीं। चौकी क्षेत्र में पुलिस की छवि धूमिल की।
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