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Kanpur: गठबंधन के धड़े आपस में मिल आंकड़े कर रहे बड़े, लोस चुनाव में सपा-कांग्रेस के प्रकोष्ठ मिलकर करेंगे काम

Mon, 01 Apr 2024 12:08 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Lok Sabha election: पहली बार सपा और कांग्रेस के प्रकोष्ठ मिलकर काम करेंगे। एक ही पार्टी के कार्यकर्ताओं की तरह काम बांटा जा रहा है। महिला, छात्र और अल्पसंख्यकों पर जोर दिया जा रहा है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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लोकसभा चुनाव में पहली बार गठबंधन की राजनीतिक पार्टियों के धड़े आपस में मिलकर एक दल की तरह काम करने की रणनीति बना रहे हैं। नगर सीट के चुनाव के लिए सपा और कांग्रेस के मुख्य संगठन के नेता तो आपस में बातचीत कर ही रहे हैं, नीचे के कार्यकर्ताओं को जोड़ने के लिए सहयोगी संगठन आपस में मिल गए हैं। सपाई और कांग्रेसी अब ऐसे काम करने में जुटे हैं, जैसे एक ही दल के कार्यकर्ता हों।

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सियासी रणनीतिकार कहते हैं कि इसमें फायदा कांग्रेस को अधिक हो रहा है। उसे कार्यकर्ताओं की संख्या बल कम होने की कमी नहीं खलेगी। इससे आकलन किया जा रहा है कि जमीनी स्तर पर मजबूती आएगी। सपाइयों और कांग्रेसियों का फोकस तीन सहयोगी संगठनों पर अधिक है। पहला जोर अल्पसंख्यकों पर है। इसके साथ ही महिलाओं और छात्रों पर है। सपा अल्पसंख्यक सभा और कांग्रेस का अल्पसंख्यक विभाग, इसके साथ ही समाजवादी छात्र सभा के अलावा महिला सभाओं को सक्रिय कर दिया गया है।

सहयोगी संगठन स्तर से काम करने की रणनीति सपा मुखिया अखिलेश यादव की है। नगर सीट की चुनावी जिम्मेदारी महानगर इकाई संभाल रही। महानगर वरिष्ठ उपाध्यक्ष शैलेंद्र यादव मिंटू ने बताया कि समीक्षा बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने वार्ड स्तर से शुरुआत करने के निर्देश दिए हैं। सपा ने 78 वार्डों के 1607 बूथों पर कमेटियां गठित कर दी हैं।

कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश सचिव हाजी दिलशाद कुरैशी का कहना है कि अल्पसंख्यक मतदाता सपा और कांग्रेस में ही बंटता है। दोनों दलों के संगठन एकजुट होंगे तो मतदाता भी एक हो जाएंगे। वहीं सपा ने महिलाओं के बीच अभियान चला रहा है। इसमें अब कांग्रेस भी शामिल हो गई है। इनका अभियान अल्पसंख्यक और पिछड़ों के बीच चल रहा है।

इसी तरह कांग्रेस की एनएसयूआई और समाजवादी छात्र सभा अब साथ चलेगी। शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नौशाद आलम मंसूरी ने बताया कि सपा के साथ सहयोगी संगठनों को लेकर भी बैठक हुई। इनके पदाधिकारी एक-दूसरे से बराबर संपर्क में हैं।

सपा के राष्ट्रीय महासचिव सुरेंद्र मोहन अग्रवाल का कहना है कि सपा और कांग्रेस की इस रणनीति से बड़ा फायदा होगा। मिलकर चुनाव लड़ने से परिणाम अच्छा आ सकता है। बूथ स्तर पर मिलकर काम करेंगे तो अच्छा रहेगा। सपा के पास कार्यकर्ताओं की कमी नहीं है। कांग्रेस मिलेगी तो इनकी संख्या और बढ़ जाएगी।
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सपा
अल्पसंख्यक सभा

सक्रिय सदस्य- 1500

महिला सभा
सक्रिय सदस्य-400
छात्र सभा
सक्रिय सदस्य-1000
(स्रोत.... हाजी फजल महमूद महानगर अध्यक्ष सपा)

कांग्रेस
अल्पसंख्यक विभाग

सक्रिय सदय-250
महिला कांग्रेस
सक्रिय सदस्य-300
एनसीयूआई सक्रिय सदस्य-1000
(स्रोत..नौशाद आलम मंसूरी जिलाध्यक्ष कांग्रेस)
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