हैलट के सामने मंगलवार को लगे जाम में मरीजों की जिंदगी फंसी रही। मेडिकल कॉलेज के आधे पुल से पोस्टमॉर्टम हाउस मोड़ तक सुबह करीब 10 बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक दोनों लेन में वाहन रेंगते रहे। इस दौरान मरीजों को लेकर पहुंचीं करीब पांच-छह एंबुलेंस भी फंस गईं। इस दौरान ट्रैफिक सिपाही और होमगार्ड सड़क किनारे खड़े अनदेखा करते रहे।
हैलट के साथ ही स्वरूपनगर क्षेत्र के अस्पतालों में मरीजों को 24 घंटे लाया ले जाया जाता है। इसके वाबजूद मरीजों को लेकर आने वाली एंबुलेंस के लिए अलग से रास्ता तक नहीं बनाया जा सका। जाम की वजह क्षतिग्रस्त सड़क, वाहनों की बेतरतीब आवाजाही, सड़क पर अवैध पार्किंग है। दोनों लेन में वाहनों का दबाव बढ़ता गया और स्थिति बिगड़ती चली गई। यातायात सिपाही और होमगार्ड मौके पर मौजूद रहे, लेकिन घंटों तक जाम पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो सका।
होमगार्ड की ली गई फोटो बताशे के ठेले की है जो हैलट के ठीक सामने जाम के दौरान खड़ा था। जाम में एंबुलेंस सायरन बजा रही थीं लेकिन वह टस से मस नहीं हो रहा था। कैमरे का फ्लैश चमकते ही यातायात कर्मी अचानक सक्रिय हुए और वाहनों को निकालने में जुट गए। करीब तीन घंटे बाद धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो सकी।
उलटी दिशा में घुसे तो हांफ गए वाहन सवार
कालपी रोड पर भी जाम ने मंगलवार शाम सैकड़ों लोगों को रुला दिया। फजलगंज फायर स्टेशन के सामने जेसीबी ने रास्ता खोद दिया है। इससे वाहन सवार जाम में फंसने लगे। विजयनगर से दादानगर जाने वाली रोड पर उलटी दिशा में दर्जनों मोटरसाइकिल चालक जल्दी निकलने की होड़ में घुस आए। इससे जाम ने और विकराल रूप ले लिया। धीरे-धीरे जाम कालपी रोड पर विजय नगर चौराहे से चार खंभा कुआं के काफी आगे तक लग गया। इस दौरान जाम से बचने के लिए वाहन सवार गड़रियनपुरवा के रास्ते से निकलने लगे तो वहां भी हालात बद से बदतर हो गए।