फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कानपुर: नकली दवा का कारोबार करने वाले पांच और गिरफ्तार, भारी मात्रा में दवाइयां, पैकिंग मशीनें बरामद

Tue, 29 Jun 2021 11:23 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

एडीसीपी ने बताया कि बलराज नकली दवाओं का बड़ा कारोबारी है। उसके कनेक्शन लखनऊ, कानपुर, रुड़की, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर के अलावा बागपत में भी हैं। बलराज लखनऊ के मनीष मिश्रा के भी संपर्क में था।
विज्ञापन
बरामद सामान - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नकली दवा का काम करने वाले पांच और कारोबारियों को क्राइम ब्रांच ने धर दबोचा है। तीन कारोबारी मुजफ्फरनगर के तो दो कारोबारी बागपत के रहने वाले हैं। पुलिस ने आरोपियोें के पास से भारी मात्रा में नकली दवाइयां, पंचिंग मशीन, कटिंग मशीन, सीलिंग मशीन, मुहर व अन्य उपकरण बरामद किए हैं। एडीसीपी दीपक भूकर ने बताया कि क्राइम ब्रांच और गोविंदनगर थाने की संयुक्त टीम ने 21 जून को दबौली टेंपो स्टैंड के पास से दो आरोपियों को नकली दवाइयों के साथ गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन


ये लोग दवाओं में चॉक और नमक  का इस्तेमाल करते थे और इंजेक्शन में ग्लूकोज का पानी मिलाकर बेचते थे। पूछताछ के आधार पर आठ और आरोपियों को जेल भेजा गया। लखनऊ से पकड़े गए सरगना मनीष मिश्रा से पूछताछ के बाद मुजफ्फरनगर और बागपत में भी इन लोगों का कनेक्शन होने की बात सामने आई।

इसके बाद रविवार रात क्राइम ब्रांच की टीम ने मुजफ्फरनगर के सिविल लाइंस से बलराज गर्ग, महमूदनगर निवासी मुन्ना, विलासपुर नई मंडी निवासी सहदेश पाल को गिरफ्तार किया। वहीं दूसरी टीम ने बागपत पुलिस की मदद से अमीन नगर सराय में छापा मारकर गफ्फार व बालैनी निवासी सुरेंद्र सिंह को पकड़ा। यहां से दवा पैक करने वाली एल्युमीनियम स्ट्रिप, एल्युमीनियम रोल, एमआरपी व एक्सपायरी प्रिंट करने वाली मुहर आदि बरामद कीं। आरोपियों को संबंधित थानों की पुलिस के हवाले कर दिया गया है। 
विज्ञापन


मुजफ्फरनगर का बड़ा कारोबारी है बलराज
एडीसीपी ने बताया कि बलराज नकली दवाओं का बड़ा कारोबारी है। उसके कनेक्शन लखनऊ, कानपुर, रुड़की, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर के अलावा बागपत में भी हैं। बलराज लखनऊ के मनीष मिश्रा के भी संपर्क में था। ये लोग व्हाट्सएप कॉलिंग व चैटिंग से बात करते थे। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल कब्जे में लिए हैं। कॉल डिटेल व चैटिंग के जरिये गिरोह के अन्य सदस्यों को तलाश में जुटी है।
विज्ञापन

घरों में बनाई जाती हैं नकली दवाएं
सुरेंद्र ने बताया बागपत में कई लोग इस कारोबार में जुड़े हैं। ये घरों में ही नकली दवा तैयार कर आर्डर पर माल की सप्लाई करते हैं। पुलिस सुरेंद्र और गफ्फार की निशानदेही पर बागपत के अन्य इलाकों में दबिश दे रही है। पकड़े गए सभी आरोपी लंबे समय से इस कारोबार में जुड़े थे।

जांच में नकली निकली दवाइयां
एडीसीपी ने बताया कि नकली दवाइयां पकड़े जाने के बाद ड्रग इंस्पेक्टर को भी बुलाया गया था। ड्रग इंस्पेक्टर की टीम ने जब दवाइयों की जांच की तो सभी नकली निकलीं। पुलिस के मुताबिक ये लोग ऐसी दवाएं बनाते थे, जो मार्केट में जल्दी खप जाएं।

छोटी रकम दवाओं के डिब्बों में छिपाकर रोडवेज बसों से मंगवाते
प्रतिबंधित व नकली दवाओं के कारोबार से जुड़े लोग असली दवाओं का भुगतान तो खाते से करते थे, लेकिन नकली दवाओं का भुगतान कैश करते थे। एडीसीपी क्राइम ने बताया कि मुजफ्फरनगर व बागपत से पकड़े गए कारोबारियों ने पूछताछ में बताया कि वे असली दवाओं की आड़ में नकली दवाओं का भी कारोबार करते थे।

असली दवाओं का लेनदेन तो खाते से होता था, लेकिन नकली दवाओं का भुगतान कैश होता था। आरोपियों ने बताया कि वे एक लाख तक की रकम दवा के  गत्ते में पैक कर रोडवेज बसों से व्यापारियों से मंगवाते थे। इससे ज्यादा रकम होने पर व्यापारी सीधे आकर करते थे। पुलिस इनके खातों की भी जानकारी जुटाने में लग गई है।

ये दवाइयां बरामद
ऑग्मेंटिल टैबलेट, पोस्केट्र अल्ट्रासेट टैबलेट, बेफनाट एम 6185, एमपॉट, टेल्कम पाउडर 25 किलो (कैप्सूल में भरने वाला पाउडर), खाली कैप्सूल। 

नकली दवाओं के कारोबारियों को बड़ा रैकट यूपी में सक्रिय है। कारोबारियों के कनेक्शन यूपी के कई जिलों में मिले हैं। एक-एक करके सबको गिरफ्तार किया जाएगा। टीमें बनाई गई हैं।
सलमान ताज पाटिल, डीसीपी क्राइम

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें