घरों में बनाई जाती हैं नकली दवाएं
सुरेंद्र ने बताया बागपत में कई लोग इस कारोबार में जुड़े हैं। ये घरों में ही नकली दवा तैयार कर आर्डर पर माल की सप्लाई करते हैं। पुलिस सुरेंद्र और गफ्फार की निशानदेही पर बागपत के अन्य इलाकों में दबिश दे रही है। पकड़े गए सभी आरोपी लंबे समय से इस कारोबार में जुड़े थे।
जांच में नकली निकली दवाइयां
एडीसीपी ने बताया कि नकली दवाइयां पकड़े जाने के बाद ड्रग इंस्पेक्टर को भी बुलाया गया था। ड्रग इंस्पेक्टर की टीम ने जब दवाइयों की जांच की तो सभी नकली निकलीं। पुलिस के मुताबिक ये लोग ऐसी दवाएं बनाते थे, जो मार्केट में जल्दी खप जाएं।
छोटी रकम दवाओं के डिब्बों में छिपाकर रोडवेज बसों से मंगवाते
प्रतिबंधित व नकली दवाओं के कारोबार से जुड़े लोग असली दवाओं का भुगतान तो खाते से करते थे, लेकिन नकली दवाओं का भुगतान कैश करते थे। एडीसीपी क्राइम ने बताया कि मुजफ्फरनगर व बागपत से पकड़े गए कारोबारियों ने पूछताछ में बताया कि वे असली दवाओं की आड़ में नकली दवाओं का भी कारोबार करते थे।
असली दवाओं का लेनदेन तो खाते से होता था, लेकिन नकली दवाओं का भुगतान कैश होता था। आरोपियों ने बताया कि वे एक लाख तक की रकम दवा के गत्ते में पैक कर रोडवेज बसों से व्यापारियों से मंगवाते थे। इससे ज्यादा रकम होने पर व्यापारी सीधे आकर करते थे। पुलिस इनके खातों की भी जानकारी जुटाने में लग गई है।
ये दवाइयां बरामद
ऑग्मेंटिल टैबलेट, पोस्केट्र अल्ट्रासेट टैबलेट, बेफनाट एम 6185, एमपॉट, टेल्कम पाउडर 25 किलो (कैप्सूल में भरने वाला पाउडर), खाली कैप्सूल।
नकली दवाओं के कारोबारियों को बड़ा रैकट यूपी में सक्रिय है। कारोबारियों के कनेक्शन यूपी के कई जिलों में मिले हैं। एक-एक करके सबको गिरफ्तार किया जाएगा। टीमें बनाई गई हैं।
सलमान ताज पाटिल, डीसीपी क्राइम